Delhi: दिल्ली दंगों की साजिश मामले में Sharjeel Imam ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जमानत याचिका पर कल होगी सुनवाई
Delhi: 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की बड़ी साजिश के मामले में आरोपी Sharjeel Imam ने एक बार फिर जमानत की उम्मीद जगाई है। निचली अदालत से जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया
Delhi: 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की बड़ी साजिश के मामले में आरोपी Sharjeel Imam ने एक बार फिर जमानत की उम्मीद जगाई है। निचली अदालत से जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस मामले में UAPA जैसे कड़े कानून के तहत केस दर्ज है और अब सबकी नजरें हाई कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं।
Sharjeel Imam ने 16 जुलाई 2026 को दिल्ली हाई कोर्ट में अपनी अपील दायर की। इस याचिका पर शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 को जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और जस्टिस विकास महाजन की डिवीजन बेंच सुनवाई करेगी। इससे पहले 4 जुलाई 2026 को कड़कड़डूमा कोर्ट के एडिशनल सेशन्स जज समीर बाजपेई ने उनकी जमानत अर्जी को खारिज कर दिया था।
निचली अदालत ने जमानत देने से मना करते हुए सुप्रीम कोर्ट के 5 जनवरी 2026 के आदेश का हवाला दिया था। उस आदेश में कहा गया था कि Sharjeel Imam और उमर खालिद केवल तभी जमानत की अर्जी दोबारा दे सकते हैं जब गवाहों की जांच पूरी हो जाए या एक साल बीत जाए। ट्रायल कोर्ट ने कहा कि उसके पास सुप्रीम कोर्ट के निर्देश को मानने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।
अब हाई कोर्ट में Sharjeel Imam के वकील अहमद इब्राहिम ने दलील दी है कि ट्रायल कोर्ट ने उनकी अर्जी पर स्वतंत्र रूप से विचार नहीं किया। याचिका में कहा गया है कि वह पिछले करीब छह साल से जेल में हैं और अभी तक आरोपों पर बहस भी पूरी नहीं हुई है, जो कि काफी लंबा समय है।
इसके अलावा, अपील में सुप्रीम कोर्ट के 22 मई 2026 के एक और आदेश का जिक्र किया गया है। इस आदेश में सह-आरोपी तस्लीम अहमद को अंतरिम जमानत दी गई थी और UAPA की धारा 43D(5) के तहत जमानत से जुड़े कानूनी मुद्दे को एक बड़ी बेंच को भेजा गया था। बचाव पक्ष का कहना है कि यह परिस्थितियों में एक बड़ा बदलाव है, जिसके आधार पर उन्हें जमानत मिलनी चाहिए। इस मामले की जांच दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल कर रही है।