Karnataka: हुब्बल्ली के SDM Narayana Heart Centre (SDMNHC) के डॉक्टरों ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। यहां की कार्डियोलॉजी टीम ने पहली बार एक मरीज के शरीर में Leadless Dual-Chamber Pacemaker लगाया है। यह सर्जरी दिल की ध
Karnataka: हुब्बल्ली के SDM Narayana Heart Centre (SDMNHC) के डॉक्टरों ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। यहां की कार्डियोलॉजी टीम ने पहली बार एक मरीज के शरीर में Leadless Dual-Chamber Pacemaker लगाया है। यह सर्जरी दिल की धड़कन से जुड़ी एक गंभीर बीमारी के इलाज के लिए की गई थी।
यह सर्जरी किस तरह की बीमारी के लिए की गई
यह ऑपरेशन एक 68 साल के मरीज का किया गया था। मरीज को गंभीर Bradycardia की समस्या थी, जिसमें दिल की धड़कन सामान्य से बहुत धीमी हो जाती है। इस वजह से मरीज बार-बार बेहोश हो रहा था। डॉक्टरों ने आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर बिना लीड वाला पेसमेकर लगाया जिससे अब दिल की धड़कन सही तरीके से काम करेगी।
डॉक्टरों ने इस सफलता के बारे में क्या बताया
कार्डियोलॉजिस्ट Raghu Prasad ने धारवाड़ में मीडिया से बात करते हुए इस सफल प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह एक जटिल सर्जरी थी जिसे टीम ने सफलतापूर्वक पूरा किया। इस नई तकनीक से मरीज को बेहतर राहत मिलेगी और भविष्य में जटिलताओं का खतरा कम होगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Leadless Dual-Chamber Pacemaker क्या है?
यह एक आधुनिक पेसमेकर है जिसे बिना किसी लीड या तार के दिल में लगाया जाता है, ताकि दिल की धड़कन को नियंत्रित किया जा सके।
यह सर्जरी किस मरीज के लिए की गई थी?
यह सर्जरी 68 साल के एक मरीज के लिए की गई थी जो गंभीर Bradycardia के कारण बार-बार बेहोश हो रहा था।