Maharashtra: मुंबई के तटीय इलाकों में हर साल हजारों की संख्या में गुलाबी Flamingo पक्षी नजर आते हैं। यह नजारा जितना खूबसूरत है, इसके पीछे उतना ही गहरा विज्ञान छिपा है। हाल ही में नवी मुंबई के NRI कॉम्प्लेक्स और तलवे वेटल
Maharashtra: मुंबई के तटीय इलाकों में हर साल हजारों की संख्या में गुलाबी Flamingo पक्षी नजर आते हैं। यह नजारा जितना खूबसूरत है, इसके पीछे उतना ही गहरा विज्ञान छिपा है। हाल ही में नवी मुंबई के NRI कॉम्प्लेक्स और तलवे वेटलैंड्स में इन पक्षियों की भारी भीड़ देखी गई, लेकिन इस बार इनके आने में देरी हुई है।
Flamingo पक्षी मुंबई की तरफ क्यों खिंचे चले आते हैं?
इन पक्षियों के मुंबई आने की सबसे बड़ी वजह यहाँ मिलने वाला भोजन है। ठाणे क्रीक और अन्य वेटलैंड्स में घरेलू सीवेज का पानी जाता है, जिसमें नाइट्रोजन और फास्फोरस ज्यादा होता है। इस वजह से यहाँ ‘ब्लू-ग्रीन एल्गी’ (नीली-हरी काई) बहुत ज्यादा पैदा होती है, जो Lesser Flamingo का मुख्य भोजन है। इसके अलावा, यहाँ उथला पानी और कीचड़ वाले मैदान हैं, जो इनके रहने और फिल्टर फीडिंग के लिए एकदम सही हैं। ये पक्षी गुजरात के कच्छ और राजस्थान की सांभर झील जैसे इलाकों से उड़कर यहाँ आते हैं।
वेटलैंड्स को लेकर सरकार और CIDCO के बीच क्या विवाद है?
मुंबई के इन प्राकृतिक आवासों को लेकर अभी बड़ा विवाद चल रहा है। ठाणे जिला वेटलैंड मॉनिटरिंग कमेटी ने सुझाव दिया है कि नवी मुंबई और ठाणे के 8 जल निकायों, जिनमें NRI वेटलैंड और DPS लेक शामिल हैं, उन्हें ‘वेटलैंड’ की श्रेणी से बाहर रखा जाए। वहीं, राज्य वन विभाग और पर्यावरण समूह इसका विरोध कर रहे हैं। CIDCO ने DPS फ्लेमिंगो लेक को ‘कंजर्वेशन रिजर्व’ बनाने का विरोध किया है और इसे निर्माण के योग्य जमीन बताया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ये इलाके खत्म हुए, तो पक्षी अपना रास्ता भटक सकते हैं या उनकी मौत हो सकती है।
संख्या में बढ़ोतरी और जलवायु परिवर्तन का असर
एक समय था जब मुंबई में ये पक्षी बहुत कम दिखते थे, लेकिन 2007 में इनकी संख्या 10,000 थी जो अब 1.3 लाख के पार पहुँच गई है। BNHS के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2019 में 1,21,000 पक्षी दर्ज किए गए थे। हालांकि, मई 2026 के सीजन में पक्षियों के आने में देरी हुई और उनकी संख्या भी कम रही। एक्सपर्ट्स का मानना है कि जलवायु परिवर्तन, लंबे समय तक मानसून जैसा मौसम और गुजरात में पानी की उपलब्धता की वजह से पक्षी वहाँ रुक गए और मुंबई देरी से पहुँचे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुंबई में फ्लेमिंगो पक्षियों की संख्या क्यों बढ़ रही है?
शहर के सीवेज पानी के कारण वेटलैंड्स में पोषक तत्व बढ़ गए हैं, जिससे ब्लू-ग्रीन एल्गी की भारी पैदावार होती है। यह इन पक्षियों का पसंदीदा भोजन है, इसलिए इनकी संख्या 2007 के 10,000 से बढ़कर अब 1.3 लाख से ज्यादा हो गई है।
2026 में फ्लेमिंगो के आने में देरी क्यों हुई?
विशेषज्ञों के अनुसार, जलवायु परिवर्तन और लंबे समय तक मानसून जैसी स्थितियों के कारण यह देरी हुई। साथ ही, गुजरात में पानी की अच्छी उपलब्धता की वजह से कई पक्षी वहीं रुक गए और मुंबई देरी से पहुँचे।