Saudi Arabia, Turkey और Pakistan के बीच हुआ बड़ा डिफेंस समझौता, एक देश पर हमला मतलब तीनों पर हमला
World: सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान ने मिलकर एक नया रक्षा समझौता किया है जिसे ‘मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट’ नाम दिया गया है। इस समझौते के तहत तीनों देशों ने तय किया है कि अगर किसी एक सदस्य देश पर हमला होता
World: सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान ने मिलकर एक नया रक्षा समझौता किया है जिसे ‘मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट’ नाम दिया गया है। इस समझौते के तहत तीनों देशों ने तय किया है कि अगर किसी एक सदस्य देश पर हमला होता है, तो उसे तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। यह कदम इलाके में सुरक्षा बढ़ाने और आपसी तालमेल को मजबूत करने के लिए उठाया गया है।
इस समझौते पर 7 अगस्त 2026 को हस्ताक्षर किए गए थे। तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने 13 अगस्त 2026 को बताया कि अब तीनों देश राजनीतिक और सैन्य तंत्र बनाएंगे। इसके तहत रक्षा मंत्री, विदेश मंत्री और सेना प्रमुख उच्च स्तर पर बातचीत और तालमेल करेंगे। योजना के मुताबिक अब तीनों देशों की सेनाएं जमीन, समुद्र और हवा में संयुक्त सैन्य अभ्यास करेंगी। इसमें एयर डिफेंस और ड्रोन सिस्टम पर भी खास ध्यान दिया जाएगा।
सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच सितंबर 2025 में एक रणनीतिक रक्षा समझौता हुआ था, यह नया समझौता उसी दिशा में एक बड़ा कदम है। तीनों देश अब डिफेंस इंडस्ट्री में एक-दूसरे की मदद करेंगे, जिसमें हथियारों का संयुक्त उत्पादन और तकनीक साझा करना शामिल है।
इस समझौते को लेकर कई अधिकारियों ने अपनी बात रखी है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री ईशाक डार और तुर्की के विदेश मंत्री हाकन फिदान ने साफ किया है कि यह समझौता पूरी तरह से रक्षात्मक है और इसका मकसद किसी दूसरे देश को निशाना बनाना नहीं है। सऊदी अरब के डिप्टी मिनिस्टर रायेद क्रीमली ने कहा कि यह किसी सैन्य गुट या संप्रदाय आधारित ब्लॉक को बनाने की कोशिश नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य अपनी क्षमताओं को टिकाऊ बनाना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता बदलती सुरक्षा स्थितियों और क्षेत्रीय खतरों को देखते हुए किया गया है। यह समझौता अन्य देशों के लिए भी खुला है जो इसमें शामिल होना चाहते हैं।