Red Sea में सऊदी अरब के तेल टैंकर Encelia पर हमला, हूती विद्रोहियों ने ली जिम्मेदारी
World : लाल सागर (Red Sea) में सऊदी अरब के एक तेल टैंकर Encelia पर हमला हुआ है। इस हमले की वजह से जहाज के अगले हिस्से में आग लग गई। सऊदी अरब ने इस घटना की पुष्टि की है और बताया है कि जहाज पर मौजूद सभी क्रू मेंबर्स सुरक्ष
World : लाल सागर (Red Sea) में सऊदी अरब के एक तेल टैंकर Encelia पर हमला हुआ है। इस हमले की वजह से जहाज के अगले हिस्से में आग लग गई। सऊदी अरब ने इस घटना की पुष्टि की है और बताया है कि जहाज पर मौजूद सभी क्रू मेंबर्स सुरक्षित हैं। अधिकारियों ने जहाज को सुरक्षित करने और समुद्री पर्यावरण को बचाने के लिए जरूरी कदम उठाए हैं।
यह हमला 22 जुलाई 2026 की देर रात हुआ, जिसकी जानकारी 23 जुलाई को सामने आई। Encelia नाम का यह टैंकर 20 जुलाई को यानबू (Yanbu) से निकला था। यमन के हूती विद्रोहियों ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। हूतियों का कहना है कि उन्होंने Encelia और Layla नाम के दो जहाजों को बैलिस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाया। उन्होंने दावा किया कि यह हमला सऊदी बंदरगाहों पर लगाई गई उनकी नौसैनिक नाकाबंदी का जवाब था। हालांकि Layla जहाज पर हुए हमले की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
ब्रिटिश मैरीटाइम रिस्क मैनेजमेंट ग्रुप Vanguard और UK Maritime Trade Operations (UKMTO) ने भी इस घटना की रिपोर्ट दी है। Vanguard के मुताबिक टैंकर के दाहिने हिस्से (starboard side) पर किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ था।
इस घटना के बाद लाल सागर और बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य (Bab el-Mandeb Strait) जैसे महत्वपूर्ण व्यापारिक रास्तों पर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। यूरोपीय नौसेना बल (EU Naval Force) ने सलाह दी है कि इजरायल, अमेरिका या सऊदी अरब से जुड़े व्यापारिक जहाज फिलहाल इस रास्ते का इस्तेमाल न करें। डर के माहौल के कारण 21 और 22 जुलाई को कई तेल टैंकरों ने अपना रास्ता बदला या यू-टर्न लिया।
यह तनाव ऐसे समय में बढ़ा है जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम खत्म हो गया है और अमेरिकी सेना ने 22 जुलाई को ईरान पर नए हमले किए हैं। ऐसे में दुनिया के मुख्य ऊर्जा रास्तों पर खतरा बढ़ गया है जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है।