Saudi Arabia ने बनाया 14 देशों का समुद्री गठबंधन, लाल सागर और गल्फ ऑफ एडन में सुरक्षा होगी सख्त

World : सऊदी अरब ने दुनिया के 13 अन्य देशों के साथ मिलकर एक बड़ा समुद्री गठबंधन बनाया है। इसका नाम ‘Multinational Maritime Defense Coalition’ रखा गया है। इस गठबंधन का मुख्य मकसद समुद्र के अहम रास्तों को सुरक्

World : सऊदी अरब ने दुनिया के 13 अन्य देशों के साथ मिलकर एक बड़ा समुद्री गठबंधन बनाया है। इसका नाम ‘Multinational Maritime Defense Coalition’ रखा गया है। इस गठबंधन का मुख्य मकसद समुद्र के अहम रास्तों को सुरक्षित रखना है ताकि व्यापार और तेल की सप्लाई में कोई रुकावट न आए।

यह फैसला गुरुवार, 30 जुलाई 2026 को रियाद में हुई एक बड़ी बैठक के बाद लिया गया। इस मीटिंग में 43 देशों और यूरोपीय संघ के सैन्य नेताओं ने हिस्सा लिया था। इस गठबंधन का मुख्यालय सऊदी अरब में होगा और वही इसका नेतृत्व करेगा। इसमें सऊदी अरब के अलावा कुवैत, बहरीन, कतर, पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र, जॉर्डन, बांग्लादेश, नाइजीरिया, सूडान, जिबूती, सोमालिया और यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार शामिल हैं। हालांकि, यूएई और ओमान इस लिस्ट में नहीं हैं।

इस गठबंधन का मुख्य काम लाल सागर, बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य और गल्फ ऑफ एडन में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित बनाना है। सऊदी अरब ने साफ किया है कि यह गठबंधन पूरी तरह से रक्षात्मक है और इसका उद्देश्य किसी खास देश या संगठन को निशाना बनाना नहीं है। यह समूह अंतरराष्ट्रीय कानूनों और संयुक्त राष्ट्र के नियमों के हिसाब से काम करेगा।

गठबंधन के मुख्य उद्देश्य विवरण
सुरक्षा व्यापारिक जहाजों और ऊर्जा सप्लाई लाइनों की रक्षा करना
सहयोग खुफिया जानकारी साझा करना और संयुक्त नौसैनिक गश्त करना
ढांचा सऊदी अरब में जॉइंट कमांड और ऑपरेशंस सेंटर की स्थापना
नियम अंतरराष्ट्रीय कानून और राज्यों की संप्रभुता का सम्मान

यह कदम तब उठाया गया है जब यमन के हूती विद्रोहियों ने समुद्री सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर दिया है। हूतियों ने 20 जुलाई 2026 को सऊदी अरब के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी की घोषणा की थी और सऊदी से जुड़े जहाजों पर हमले किए थे। इसके जवाब में सऊदी अरब ने यमन के होदेइदा में हूती सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले भी किए हैं। हूती नेता अब्दुलमलिक अल-हूती ने चेतावनी दी है कि अगर सऊदी अरब ने सैन्य कार्रवाई बढ़ाई तो वे और भी उग्र अभियान चलाएंगे।