Saudi Arabia में अब चंदा जुटाने वाले विज्ञापनों में नहीं दिखेंगे बच्चे, सरकार ने तैयार किए नए नियम
World : सऊदी अरब की सरकार ने चंदा इकट्ठा करने वाले विज्ञापनों के लिए नए नियम बनाने की तैयारी की है। इन नए नियमों के तहत अब फंड जुटाने वाले विज्ञापनों में बच्चों का इस्तेमाल करना पूरी तरह से मना होगा। नेशनल सेंटर फॉर द नॉ
World : सऊदी अरब की सरकार ने चंदा इकट्ठा करने वाले विज्ञापनों के लिए नए नियम बनाने की तैयारी की है। इन नए नियमों के तहत अब फंड जुटाने वाले विज्ञापनों में बच्चों का इस्तेमाल करना पूरी तरह से मना होगा। नेशनल सेंटर फॉर द नॉन-प्रॉफिट सेक्टर (NCNPS) ने इस संबंध में 18 आर्टिकल्स वाला एक ड्राफ्ट जारी किया है।
यह ड्राफ्ट 12 अगस्त 2026 को ‘इस्तितला’ (Istitlaa) नाम के पब्लिक कंसल्टेशन प्लेटफॉर्म पर डाला गया था। सरकार ने आम जनता से 10 सितंबर 2026 तक इस पर अपनी राय मांगी है। इन नियमों का मुख्य मकसद चंदा जुटाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना और बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना है।
नए नियमों में कई सख्त बातें कही गई हैं। विज्ञापनों में ऐसी किसी भी चीज पर रोक होगी जिससे चैरिटी के काम की छवि खराब हो या कोई विवाद खड़ा हो। साथ ही, अब विज्ञापनों में एक QR कोड देना जरूरी होगा, जिससे दान देने वाला व्यक्ति यह जांच सके कि संस्था के पास लाइसेंस है या नहीं।
| नियम का क्षेत्र | मुख्य बदलाव और पाबंदियां |
|---|---|
| बच्चों का उपयोग | फंड जुटाने वाले विज्ञापनों में बच्चों को दिखाना पूरी तरह प्रतिबंधित |
| प्रचार के तरीके | भ्रामक जानकारी, बढ़ा-चढ़ाकर बोलना या धार्मिक ग्रंथों की गलत व्याख्या करना मना |
| लाभार्थियों की सुरक्षा | दान पाने वालों की फोटो ऐसी तरीके से नहीं लगाई जाएगी जिससे उनकी गरिमा को ठेस पहुंचे |
| पवित्र स्थल | दो पवित्र मस्जिदों के आंगन में बिना अनुमति फोटो खींचना और काबा की तस्वीरों का विज्ञापन में उपयोग वर्जित |
| वित्तीय जानकारी | कुल टारगेट, बची हुई राशि और विज्ञापन के खर्च का पूरा विवरण देना होगा |
| लाइसेंस | फंड जुटाने के लिए कानूनी अनुमति और भौगोलिक दायरे के हिसाब से लाइसेंस लेना जरूरी होगा |
इन नियमों के साथ ही यह भी साफ किया गया है कि मार्केटिंग के लिए किसी बाहरी व्यक्ति या एजेंसी की मदद लेनी हो, तो उसकी मंजूरी NCNPS से लेनी होगी। इससे पहले मई 2025 में मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्रालय ने भी चेतावनी दी थी कि बच्चों का मार्केटिंग के लिए इस्तेमाल करना कानूनन अपराध है और ऐसा करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।