Middle East में तनाव बढ़ा, सऊदी अरब और अन्य देशों ने ईरान के हमलों की की निंदा
World : मिडिल ईस्ट के देशों में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने कतर, ओमान, बहरीन और जॉर्डन के विदेश मंत्रियों के साथ बातचीत की। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में ईरान द्वारा किए
World : मिडिल ईस्ट के देशों में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने कतर, ओमान, बहरीन और जॉर्डन के विदेश मंत्रियों के साथ बातचीत की। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में ईरान द्वारा किए जा रहे बार-बार के हमलों की कड़ी निंदा की और सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।
12 जुलाई 2026 को हुई इन फोन कॉल्स में सभी मंत्रियों ने इस बात पर जोर दिया कि इलाके में शांति बनाए रखना और तनाव को कम करना बहुत जरूरी है। उन्होंने खास तौर पर Strait of Hormuz (हॉर्मुज जलडमरूमध्य) में जहाजों की आवाजाही और नेविगेशन की आजादी को सुरक्षित रखने की बात कही। सऊदी अरब, UAE, मिस्र और जॉर्डन ने मिलकर ईरान द्वारा टैंकरों पर किए गए हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन बताया है।
सऊदी विदेश मंत्रालय ने 7 जुलाई को Bahri द्वारा संचालित VLCC Wedyan जहाज पर हुए ईरानी हमले की भी निंदा की। सऊदी अरब ने साफ तौर पर ईरान को इन हमलों और इनसे होने वाले सभी नुकसान के लिए जिम्मेदार ठहराया है। इससे पहले 9 जुलाई को भी प्रिंस फैसल बिन फरहान ने कुवैत और बहरीन पर हुए हमलों के खिलाफ अपनी आवाज उठाई थी।
इस पूरे विवाद में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कार्रवाई हुई है। 11 मार्च 2026 को UNSC (संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद) ने प्रस्ताव 2817 अपनाया था, जिसमें ईरान से हमले रोकने और अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करने की मांग की गई थी। सऊदी अरब ने यह भी साफ कर दिया है कि वह Strait of Hormuz के प्रबंधन या कंट्रोल में किसी भी ऐसे बदलाव को स्वीकार नहीं करेगा जो क्षेत्र की स्थिरता को प्रभावित करे।