Delhi: दक्षिण एशियाई विश्वविद्यालय (South Asian University) ने कैंपस की सुरक्षा को लेकर कड़े नियम लागू किए हैं। 2 जून को जारी एक नोटिफिकेशन के मुताबिक, अब यूनिवर्सिटी कैंपस में छात्रों के बैग और उनके सामान की चेकिंग की ज
Delhi: दक्षिण एशियाई विश्वविद्यालय (South Asian University) ने कैंपस की सुरक्षा को लेकर कड़े नियम लागू किए हैं। 2 जून को जारी एक नोटिफिकेशन के मुताबिक, अब यूनिवर्सिटी कैंपस में छात्रों के बैग और उनके सामान की चेकिंग की जाएगी। सुरक्षाकर्मियों को यह अधिकार दिया गया है कि वे जरूरत पड़ने पर छात्रों की तलाशी (frisking) भी ले सकते हैं।
क्या हैं यूनिवर्सिटी के नए सुरक्षा नियम?
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने साफ किया है कि कैंपस के एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर बैग, बैकपैक और अन्य निजी सामान की जांच की जाएगी। छात्रों को हर समय अपना वैध यूनिवर्सिटी आईडी कार्ड साथ रखना होगा और मांगने पर दिखाना होगा। कैंपस के अंदर नशीले पदार्थ, शराब, हथियार, विस्फोटक या किसी भी खतरनाक सामान को रखना, इस्तेमाल करना या बांटना पूरी तरह मना है।
नियम तोड़ने पर क्या होगी कार्रवाई?
सुरक्षाकर्मियों के साथ सहयोग करना अब अनिवार्य कर दिया गया है। अगर कोई छात्र तलाशी लेने से मना करता है, जांच में बाधा डालता है या गलत व्यवहार करता है, तो इसे गंभीर अनुशासनहीनता माना जाएगा। ऐसे मामलों में स्टूडेंट कोड ऑफ कंडक्ट के तहत सख्त एक्शन लिया जाएगा, जिसमें छात्र को सस्पेंड करना या यूनिवर्सिटी से निकालना (expulsion) शामिल है।
क्यों उठाए गए ये कड़े कदम?
यूनिवर्सिटी ने बताया कि यह फैसला कैंपस की सुरक्षा और छात्रों की भलाई के लिए लिया गया है। प्रशासन के मुताबिक, कैंपस परिसर में बार-बार प्रतिबंधित सामान और नशीले पदार्थ मिलने की घटनाएं सामने आई थीं, जिसके कारण ये कदम उठाना जरूरी हो गया। हालांकि, जब इस बारे में SAU प्रेसिडेंट K K Aggarwal से संपर्क किया गया, तो उन्होंने इस जानकारी से अनजान होने की बात कही।
Frequently Asked Questions (FAQs)
SAU यूनिवर्सिटी में नए सुरक्षा नियम कब से लागू हुए?
यूनिवर्सिटी ने 2 जून को ‘Enhanced Campus Security Measures’ नाम से एक नोटिफिकेशन जारी किया था, जिसके तहत ये नियम लागू किए गए हैं।
अगर कोई छात्र तलाशी देने से मना करे तो क्या होगा?
नियमों के अनुसार, सुरक्षाकर्मियों के साथ असहयोग या बाधा डालने पर इसे गंभीर अनुशासनहीनता माना जाएगा और छात्र को सस्पेंड या निष्कासित किया जा सकता है।