UP: संभल में सोमवार को वकीलों ने लखनऊ कचहरी में हुई घटना के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। संभल बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। यह पूरा
UP: संभल में सोमवार को वकीलों ने लखनऊ कचहरी में हुई घटना के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। संभल बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। यह पूरा विवाद लखनऊ में वकीलों के चैंबरों को हटाए जाने और उसके बाद हुए हंगामे से जुड़ा है।
लखनऊ में आखिर क्या हुआ था जिसके कारण संभल में विरोध हो रहा है
यह मामला 17 मई 2026 का है जब इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश पर लखनऊ नगर निगम ने अवैध चैंबरों को हटाने का अभियान चलाया था। नगर निगम का कहना है कि उन्होंने पहले ही नोटिस जारी कर लाल निशान लगा दिए थे। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस और वकीलों के बीच टकराव हुआ। सेंट्रल बार एसोसिएशन ने पुलिस की कार्रवाई को बर्बरतापूर्ण बताया है, जबकि पुलिस का कहना है कि भीड़ द्वारा पथराव किए जाने पर केवल लाठियां फटकारी गई थीं।
प्रदेश के अन्य शहरों में क्या है स्थिति और वकीलों की मांगें
लखनऊ की घटना का असर पूरे उत्तर प्रदेश में दिख रहा है। सेंट्रल बार एसोसिएशन लखनऊ ने 18 मई से 20 मई 2026 तक न्यायिक कार्यों के पूर्ण बहिष्कार की घोषणा की है। रायबरेली और गोंडा के वकीलों ने भी प्रदर्शन किया है। रायबरेली के अधिवक्ताओं ने घायल वकीलों के मुफ्त इलाज, मुआवजे और प्रदेश में जल्द से जल्द एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग की है।
किन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की जा रही है
प्रदर्शनकारी वकीलों ने कुछ खास पुलिसकर्मियों के नाम लेकर कार्रवाई की मांग की है। इसमें थाना ठाकुरगंज प्रभारी ओमवीर सिंह, एक अज्ञात दरोगा और करीब 20 से 25 अन्य पुलिसकर्मी शामिल हैं। लखनऊ के वकीलों ने 20 मई 2026 को दोपहर 2 बजे एक आम सभा बुलाने का फैसला किया है, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में वकीलों के चैंबर क्यों हटाए गए?
इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश पर लखनऊ नगर निगम ने अवैध चैंबरों को हटाने का अभियान चलाया था। निगम के अनुसार, इसके लिए पहले से नोटिस जारी किए गए थे।
वकीलों ने पुलिस पर क्या आरोप लगाए हैं?
सेंट्रल बार एसोसिएशन और अन्य जिलों के वकीलों ने पुलिस कार्रवाई को बर्बरतापूर्ण बताया है और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।