Maharashtra: अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के करीबी और ड्रग्स के बड़े कारोबारी सलीम डोला को तुर्की के इस्तांबुल शहर में हिरासत में लिया गया है। तुर्की की खुफिया एजेंसी (MIT) और स्थानीय पुलिस ने 24 अप्रैल 2026 को एक साझा ऑ
Maharashtra: अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के करीबी और ड्रग्स के बड़े कारोबारी सलीम डोला को तुर्की के इस्तांबुल शहर में हिरासत में लिया गया है। तुर्की की खुफिया एजेंसी (MIT) और स्थानीय पुलिस ने 24 अप्रैल 2026 को एक साझा ऑपरेशन के दौरान उसे दबोचा। सलीम डोला लंबे समय से विदेश में बैठकर भारत के महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों में अवैध ड्रग्स का कारोबार चला रहा था। भारतीय एजेंसियां अब उसे वापस लाने के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर रही हैं।
कैसे पकड़ा गया सलीम डोला और क्या हैं आरोप?
सलीम डोला के खिलाफ सीबीआई की सिफारिश पर इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। वह इस्तांबुल में यूएई के फर्जी पहचान पत्र का इस्तेमाल करके छिपा हुआ था। साल 2024 में मुंबई क्राइम ब्रांच ने 4 किलो एमडी ड्रग्स जब्त की थी, जिसकी जांच में सांगली और सूरत से लेकर तुर्की तक डोला के कनेक्शन सामने आए थे। वह महाराष्ट्र और गुजरात के गुप्त लैब में मेफेड्रोन (MD) बनवाकर उसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सप्लाई करता था।
भारत लाने की प्रक्रिया और नेटवर्क पर असर
भारतीय एजेंसियां अब डोला को प्रत्यर्पण के जरिए भारत लाने की कोशिश में हैं। हालांकि भारत और तुर्की के बीच कोई प्रत्यर्पण संधि नहीं है, जिससे यह मामला थोड़ा जटिल हो सकता है। अधिकारियों के मुताबिक सलीम डोला करीब 5,000 करोड़ रुपये के सालाना ड्रग्स नेटवर्क का संचालन कर रहा था। उसकी गिरफ्तारी से इस गिरोह को बड़ा झटका लगा है। इससे पहले उसके बेटे ताहिर डोला और भतीजे मुस्तफा को भी यूएई से डिपोर्ट किया जा चुका है, जिनसे मिली जानकारी डोला तक पहुंचने में मददगार साबित हुई।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सलीम डोला को कहां से और कब पकड़ा गया?
सलीम डोला को 24 अप्रैल 2026 को तुर्की के इस्तांबुल शहर से तुर्की की खुफिया एजेंसी और स्थानीय पुलिस ने पकड़ा है।
सलीम डोला पर भारत में कौन से कानून के तहत कार्रवाई हो रही है?
डोला पर भारत के एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं, जिसमें कम से कम 10 साल की जेल का प्रावधान है।
क्या भारत और तुर्की के बीच अपराधियों को सौंपने की कोई संधि है?
भारत और तुर्की के बीच फिलहाल कोई औपचारिक प्रत्यर्पण संधि नहीं है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए उसे लाने की कोशिश की जा रही है।