Bihar: सहरसा और भागलपुर के बीच सफर करने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है। विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा गिरने की वजह से सड़क रास्ता खराब हो गया है, जिसे देखते हुए रेलवे एक और स्पेशल ट्रेन चलाने की तैयारी कर रहा है। फिलहाल
Bihar: सहरसा और भागलपुर के बीच सफर करने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है। विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा गिरने की वजह से सड़क रास्ता खराब हो गया है, जिसे देखते हुए रेलवे एक और स्पेशल ट्रेन चलाने की तैयारी कर रहा है। फिलहाल रेलवे इसके परिचालन और सुविधाओं की जांच कर रहा है ताकि यात्रियों को आने-जाने में दिक्कत न हो।
क्यों चलाने की जरूरत पड़ी नई स्पेशल ट्रेन
भागलपुर में गंगा नदी पर बना विक्रमशिला सेतु 4 मई 2026 की रात करीब 1:10 बजे आंशिक रूप से ढह गया। पुल के पिलर नंबर 133 के पास एक बड़ा स्लैब नदी में गिर गया, जिससे सड़क संपर्क टूट गया। हालांकि समय रहते ट्रैफिक रोक दिया गया था, इसलिए कोई हादसा नहीं हुआ। अब सड़क रास्ता बंद होने के कारण लोगों को भागलपुर पहुंचने में परेशानी हो रही है, जिसके समाधान के लिए रेलवे नई ट्रेन पर विचार कर रहा है।
अभी कौन सी ट्रेन सेवा उपलब्ध है
सड़क संपर्क टूटने के बाद रेलवे ने पहले ही एक मेमू स्पेशल ट्रेन शुरू की है। इस ट्रेन की जानकारी नीचे दी गई है:
| विवरण |
जानकारी |
| रूट |
सरायगढ़ से देवघर (सहरसा और भागलपुर होते हुए) |
| अवधि |
7 मई से 31 मई 2026 तक |
| फ्रीक्वेंसी |
प्रतिदिन (दोनों दिशाओं से 25-25 फेरे) |
| लाभार्थी |
यात्री, व्यापारी और श्रद्धालु |
नई ट्रेन की मांग और प्रशासन की तैयारी
मालदा डिवीजन के सीनियर मंडल वाणिज्य प्रबंधक कार्तिक सिंह ने नई सहरसा-भागलपुर अप-डाउन स्पेशल ट्रेन की व्यवहार्यता जांचने के लिए पत्र जारी किया है। वहीं, सहरसा के स्थानीय व्यापारी और नागरिक लंबे समय से भागलपुर के लिए स्थायी ट्रेन की मांग कर रहे हैं। जिला मजिस्ट्रेट नवल किशोर चौधरी ने बताया कि फिलहाल ट्रैफिक को दूसरे रास्तों पर मोड़ा गया है और पुल की मरम्मत में करीब तीन महीने का समय लग सकता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
विक्रमशिला सेतु कब और कैसे टूटा
विक्रमशिला सेतु 4 मई 2026 की रात करीब 1:10 बजे टूटा। पिलर नंबर 133 के पास एक बड़ा स्लैब गंगा नदी में गिर गया था।
पुल की मरम्मत में कितना समय लगेगा
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, पुल की मरम्मत का काम पूरा होने और इसे दोबारा चालू होने में लगभग तीन महीने का समय लग सकता है।