Maharashtra Legislative Council: सचिन अहिर शिंदे खेमे में शामिल, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) का LoP पद का दावा खतरे में

Maharashtra: राज्य की राजनीति में एक बार फिर बड़ा उलटफेर हुआ है। शिव सेना (UBT) के MLC सचिन अहिर ने उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर एकनाथ शिंदे की शिव सेना का दामन थाम लिया है। इस एक फैसले से महाराष्ट्र विधान परिषद (Legislativ

Maharashtra: राज्य की राजनीति में एक बार फिर बड़ा उलटफेर हुआ है। शिव सेना (UBT) के MLC सचिन अहिर ने उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर एकनाथ शिंदे की शिव सेना का दामन थाम लिया है। इस एक फैसले से महाराष्ट्र विधान परिषद (Legislative Council) में विपक्ष के नेता (LoP) के पद को लेकर उद्धव ठाकरे गुट की दावेदारी कमजोर हो गई है।

सचिन अहिर ने 30 जून 2026 को शिंदे खेमे में शामिल होते ही महायुति गठबंधन के उम्मीदवार के तौर पर विधान परिषद के डिप्टी चेयरमैन पद के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया। उन्होंने अपनी इस्तीफे की वजह ‘अपरिहार्य परिस्थितियों’ को बताया। इस कदम को उद्धव ठाकरे के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि इससे सदन में उनकी संख्या और कम हो गई है।

नियमों के मुताबिक, किसी भी पार्टी को विपक्ष के नेता (LoP) का दावा करने के लिए सदन की कुल सीटों का कम से कम 10% हिस्सा होना जरूरी है। 78 सदस्यों वाली महाराष्ट्र विधान परिषद में यह संख्या 8 सदस्य होनी चाहिए। फरवरी 2026 से ही यह पद खाली था क्योंकि किसी भी विपक्षी दल के पास इतनी सीटें नहीं थीं। अब सचिन अहिर के जाने से शिव सेना (UBT) के लिए यह आंकड़ा पाना और मुश्किल हो गया है।

इस पूरे मामले पर आदित्य ठाकरे ने कहा कि अहिर ने अपने ‘स्वार्थी हितों’ के लिए पार्टी छोड़ी है, लेकिन उन्होंने दावा किया कि इससे पार्टी को कोई फर्क नहीं पड़ेगा। दूसरी तरफ, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और नीलम गोरे का कहना है कि अहिर 2022 में शिव सेना के चुनाव चिन्ह पर जीते थे। चूंकि ‘धनुष और बाण’ का चिन्ह और आधिकारिक पार्टी अब शिंदे गुट के पास है, इसलिए तकनीकी तौर पर इसे पार्टी बदलना नहीं माना जाएगा और अयोग्यता का सवाल ही नहीं उठता।

राज्य विधानमंडल के एक अधिकारी ने भी साफ किया कि ऊपरी सदन के रिकॉर्ड में अहिर का नाम शिव सेना (UBT) के बजाय शिव सेना MLC के तौर पर दर्ज है। यह घटनाक्रम हाल ही में छह शिव सेना (UBT) सांसदों के शिंदे गुट में जाने के बाद आया है, जिसे एकनाथ शिंदे ने ‘ऑपरेशन टाइगर’ का नाम दिया था।