Lucknow की कचरा प्रबंधन तकनीक अपनाएगा रूस, रूसी कंपनी ने की शहर के मॉडल की तारीफ

Lucknow: लखनऊ नगर निगम की कूड़ा निस्तारण प्रणाली अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रही है। रूस की टेकपॉलिमर ग्रुप ऑफ कंपनीज़ के एक प्रतिनिधिमंडल ने लखनऊ के कचरा प्रबंधन मॉडल की काफी तारीफ की है और इसे अपने देश में लागू

Lucknow: लखनऊ नगर निगम की कूड़ा निस्तारण प्रणाली अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रही है। रूस की टेकपॉलिमर ग्रुप ऑफ कंपनीज़ के एक प्रतिनिधिमंडल ने लखनऊ के कचरा प्रबंधन मॉडल की काफी तारीफ की है और इसे अपने देश में लागू करने पर सहमति जताई है। यह कदम शहर की स्वच्छता और आधुनिक तकनीक के सफल प्रयोग का बड़ा प्रमाण है।

25 जून, 2026 को रूस से आए इस प्रतिनिधिमंडल ने महापौर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार से उनके कैंप कार्यालय में मुलाकात की। बैठक के दौरान रूसी कंपनी के मालिक इवान, निदेशक इरीना पिंगोरिना और सीईओ अमर दीप सिंह समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। चर्चा में मुख्य रूप से बायो-माइनिंग, बायो-रिमेडिएशन और लैंडफिल पुनर्वास जैसे विषयों पर बात हुई। रूसी प्रतिनिधिमंडल ने लखनऊ मॉडल का अध्ययन करने और उसकी कार्यप्रणाली को रूस में अपनाने की इच्छा जताई है।

लखनऊ ने जनवरी 2026 में उत्तर प्रदेश का पहला ‘जीरो फ्रेश वेस्ट डंप सिटी’ बनने का गौरव हासिल किया था। इसका मतलब है कि शहर के ठोस कचरे का 100 प्रतिशत वैज्ञानिक तरीके से निपटारा किया जा रहा है। शहर की वर्तमान स्थिति को देखें तो यह काफी प्रभावशाली है।

विवरण आंकड़े/जानकारी
घर-घर कचरा संग्रहण 96.53% से अधिक
स्रोत पर कचरा पृथक्करण 70% से अधिक
कुल कचरा प्रसंस्करण क्षमता 2100 मीट्रिक टन प्रतिदिन
प्रतिदिन उत्पन्न कचरा लगभग 2000 मीट्रिक टन
जैविक कचरे का उपयोग खाद और बायोगैस निर्माण
अजैविक कचरे का उपयोग पुनर्चक्रण या आरडीएफ (RDF) में परिवर्तन

भविष्य की योजनाओं के तहत लखनऊ के शिवरी इलाके में 15 मेगावाट का वेस्ट-टू-एनर्जी (WTE) प्लांट लगाने की तैयारी है। यह प्लांट आरडीएफ को बिजली में बदलेगा, जिससे शहर को ऊर्जा के क्षेत्र में भी मदद मिलेगी। इस पूरी प्रक्रिया से पर्यावरण संरक्षण और सतत शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा।