Maharashtra: मुंबई की एक स्पेशल कोर्ट ने NCP (SP) के विधायक Rohit Pawar और कई पूर्व मंत्रियों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उन्हें महाराष्ट्र स्टेट कोऑपरेटिव बैंक (MSCB) घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में डिस्चार्ज कर
Maharashtra: मुंबई की एक स्पेशल कोर्ट ने NCP (SP) के विधायक Rohit Pawar और कई पूर्व मंत्रियों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उन्हें महाराष्ट्र स्टेट कोऑपरेटिव बैंक (MSCB) घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में डिस्चार्ज कर दिया है। इस फैसले के साथ ही ED द्वारा लगाए गए इस केस में सभी 17 आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अब खत्म हो गई है।
कोर्ट ने क्यों सुनाया यह फैसला और क्या था मामला
यह पूरा मामला MSCB बैंक में हुए करीब 25,000 करोड़ रुपये के कथित घोटाले से जुड़ा था। आरोप था कि बैंक के अधिकारियों और निदेशकों ने सहकारी चीनी मिलों को कम कीमतों पर बेचकर अपने करीबियों को फायदा पहुँचाया। स्पेशल जज Mahesh Jadhav ने यह आदेश दिया क्योंकि मुंबई पुलिस की Economic Offences Wing (EOW) ने इस मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी। कानून के मुताबिक, अगर मुख्य अपराध (Predicate Offense) साबित नहीं होता, तो PMLA के तहत मनी लॉन्ड्रिंग का केस नहीं चल सकता।
किन-किन लोगों को मिली इस केस से राहत
कोर्ट ने कुल 17 लोगों को इस केस से मुक्त किया है। इनमें मुख्य नाम इस प्रकार हैं:
- Rohit Pawar (NCP SP विधायक)
- Ranjeet Deshmukh (पूर्व मंत्री)
- Arjun Khotkar (पूर्व मंत्री)
- Prajakt Tanpure (पूर्व विधायक) और उनके पिता Prasad Tanpure
- Subhash Deshmukh
- Jarandeshwar Sugar Mills Pvt Ltd और अन्य सहयोगी फर्में
आगे क्या होगा और रोहित पवार की क्या प्रतिक्रिया रही
Rohit Pawar ने कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया और कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था और अंत में सच की जीत हुई। हालांकि, ED ने पहले इस क्लोजर रिपोर्ट का विरोध किया था और मामले को मेरिट पर तय करने की मांग की थी। वर्तमान में बॉम्बे हाई कोर्ट में ED की एक याचिका लंबित है, जिसमें उन्होंने EOW की क्लोजर रिपोर्ट को खारिज करने के फैसले को चुनौती दी है।