Maharashtra: मुंबई मेट्रो के प्रोजेक्ट्स में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर राजनीति गरमा गई है। NCP (SP) के विधायक Rohit Pawar ने सरकार से मांग की है कि Systra कंपनी द्वारा MMRDA अधिकारियों के खिलाफ की गई जांच रिपोर्ट को स
Maharashtra: मुंबई मेट्रो के प्रोजेक्ट्स में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर राजनीति गरमा गई है। NCP (SP) के विधायक Rohit Pawar ने सरकार से मांग की है कि Systra कंपनी द्वारा MMRDA अधिकारियों के खिलाफ की गई जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए। उनका कहना है कि इस रिपोर्ट में बड़े अधिकारियों के खिलाफ गंभीर बातें लिखी गई हैं, जिन्हें जानबूझकर छिपाया जा रहा है।
क्या है पूरा मामला और Systra के आरोप?
Systra एक फ्रांसीसी कंपनी है जिसने मुंबई मेट्रो की कई लाइनों (5, 6, 7A, 9, 10 और 12) के लिए सलाहकार का काम किया था। इस कंपनी ने आरोप लगाया कि MMRDA के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने उनसे गलत तरीके से पैसों की मांग की और उनके भुगतान में देरी की। विवाद इतना बढ़ा कि नवंबर 2024 में French Embassy को भी इसमें हस्तक्षेप करना पड़ा और भारतीय अधिकारियों से जांच की अपील की।
रोहित पवार ने सरकार से क्या मांग की है?
विधायक Rohit Pawar ने बताया कि डिप्टी सीएम Eknath Shinde ने एक साल पहले इस मामले की जांच के आदेश दिए थे। उन्होंने UD विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी Aseem Gupta को पत्र लिखकर रिपोर्ट सार्वजनिक करने को कहा है। पवार का दावा है कि रिपोर्ट में भ्रष्टाचार के सबूत हैं और वह इस मुद्दे को आने वाले मानसून सत्र में विधानसभा में उठाएंगे।
कोर्ट का फैसला और वर्तमान स्थिति
इस मामले में Bombay High Court ने फरवरी 2025 में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया था। कोर्ट ने कहा कि MMRDA ने बिना किसी ठोस कारण के Systra का कॉन्ट्रैक्ट खत्म किया, जो कि गलत और अनुचित था। हालांकि, अभी भी मेट्रो लाइन्स 5, 9 और 7A के सिविल काम के करीब 30 करोड़ रुपये का भुगतान बाकी है। इस पूरे मामले पर MMRDA की तरफ से अभी कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Systra कंपनी ने MMRDA पर क्या आरोप लगाए हैं?
Systra ने आरोप लगाया कि MMRDA के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनसे पैसों की मांग की और उनके जायज भुगतानों को रोका, जिससे काम में दिक्कतें आईं।
Bombay High Court ने इस मामले में क्या कहा?
कोर्ट ने फरवरी 2025 में MMRDA द्वारा Systra का कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने के फैसले को मनमाना और गलत बताया था।