Dawoodi Bohra केस: रिटायर्ड जज Gautam Patel और परिवार को मिली पुलिस सुरक्षा, लंदन में बेटी पर हुआ था हमला
Maharashtra: बॉम्बे हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज Gautam Patel और उनके परिवार को पुलिस सुरक्षा दी गई है। महाराष्ट्र सरकार ने सोमवार को कोर्ट को बताया कि जज पटेल और उनकी पत्नी के मुंबई निवास पर दो पुलिस अधिकारियों की तैनाती की
Maharashtra: बॉम्बे हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज Gautam Patel और उनके परिवार को पुलिस सुरक्षा दी गई है। महाराष्ट्र सरकार ने सोमवार को कोर्ट को बताया कि जज पटेल और उनकी पत्नी के मुंबई निवास पर दो पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई है, जो 24 घंटे उनकी सुरक्षा करेंगे। यह फैसला उन्हें मिल रही धमकी भरी चिट्ठियों के बाद लिया गया है।
पूरा मामला 2024 के एक फैसले से जुड़ा है। जज Gautam Patel ने Dawoodi Bohra समुदाय के उत्तराधिकार विवाद में Syedna Mufaddal Saifuddin को 53वां आध्यात्मिक प्रमुख माना था। इस फैसले के बाद अगस्त 2025 से उन्हें गुमनाम धमकी भरे पत्र मिलने लगे। धमकी देने वालों की मांग थी कि जज पटेल एक यूट्यूब वीडियो के जरिए अपना फैसला वापस लें और माफी मांगें।
मामला तब और गंभीर हो गया जब अप्रैल 2026 में लंदन में जज पटेल की बेटी Aditi Patel पर शारीरिक हमला हुआ। इसके बाद 5 जून 2026 को उनकी बेटी के लंदन वाले घर पर जर्मनी के डाक निशान वाली एक बेहद डराने वाली चिट्ठी पहुंची। इस बीच भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) Surya Kant ने ब्रिटेन दौरे के दौरान हस्तक्षेप किया और भारतीय उच्चायुक्त P. Kumaran के जरिए लंदन पुलिस से सुरक्षा की मांग की, जिसके बाद वहां परिवार को सुरक्षा मिली।
मुंबई में Gamdevi पुलिस स्टेशन में अज्ञात लोगों के खिलाफ आपराधिक धमकी का मामला दर्ज किया गया है। बॉम्बे हाई कोर्ट की बेंच, जिसमें एक्टिंग चीफ जस्टिस Ravindra Ghuge और जस्टिस Gautam Ankhad शामिल हैं, ने मुंबई पुलिस कमिश्नर Deven Bharati को इस जांच की व्यक्तिगत निगरानी करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि सुरक्षा केवल जज और उनकी पत्नी तक सीमित न रहे, बल्कि उनकी बेटी के मुंबई आने पर उन्हें भी सुरक्षा मिले और घर खाली होने पर भी सुरक्षा तैनात रहे।
कोर्ट ने केंद्र सरकार से भी लंदन में उनकी बेटी पर हुए हमले और वहां की पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। याचिकाकर्ताओं की ओर से सीनियर काउंसिल Nitin Thakker ने दलील दी कि यह न्यायिक स्वतंत्रता पर हमला है और दोषियों को कड़ा संदेश देना जरूरी है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 2 जुलाई 2026 को होगी, जिसमें पुलिस को स्टेटस रिपोर्ट पेश करनी होगी।