Delhi में जवानों पर हमले के विरोध में रिटायर्ड पुलिस अफसरों का प्रदर्शन, जंतर-मंतर पर धरने की मांगी अनुमति
Delhi: दिल्ली पुलिस के रिटायर्ड अधिकारियों और कानून का पालन करने वाले नागरिकों के संगठन ‘दिल्ली पुलिस महासंघ’ ने जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी की है। महासंघ ने इसके लिए दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग
Delhi: दिल्ली पुलिस के रिटायर्ड अधिकारियों और कानून का पालन करने वाले नागरिकों के संगठन ‘दिल्ली पुलिस महासंघ’ ने जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी की है। महासंघ ने इसके लिए दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार को पत्र लिखकर अनुमति मांगी है। यह प्रदर्शन उन पुलिसकर्मियों के समर्थन में है जिन पर हाल ही में हुए एक मार्च के दौरान हमला हुआ था।
यह पूरा मामला 20 जुलाई 2026 का है, जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने ‘चलो संसद मार्च’ निकाला था। पुलिस के मुताबिक CJP को सिर्फ जंतर-मंतर पर धरने की इजाजत थी, लेकिन उन्होंने संसद की तरफ मार्च किया। इस दौरान भारी हिंसा हुई जिसमें 100 से 200 से ज्यादा पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बल के जवान घायल हो गए। घायल जवानों का कहना है कि भीड़ उन्हें मारने की नीयत से आई थी और उनके साथ जमकर मारपीट की गई।
इस घटना के विरोध में दिल्ली पुलिस महासंघ ने 31 जुलाई 2026 को सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक एक शांतिपूर्ण और अहिंसक धरने का प्रस्ताव रखा है। हालांकि, अभी तक पुलिस की तरफ से इस प्रदर्शन की अनुमति मिलने या न मिलने की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
दूसरी तरफ, सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (28 जुलाई 2026) को इस मामले में दखल दिया है। कोर्ट ने छात्र प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा की सभी घटनाओं की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) बनाने की बात कही है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि पुलिसकर्मियों पर हुए हमलों की भी गहन जांच होनी चाहिए।
पुलिस प्रशासन ने इस हिंसा को लेकर अब तक कुल 15 एफआईआर दर्ज की हैं, जबकि 26 जुलाई को दो और मामले दर्ज किए गए। दिल्ली पुलिस ने इस बात पर भी चिंता जताई है कि सोशल मीडिया पर पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया जा रहा है और उन्हें ट्रोल किया जा रहा है।