Navi Mumbai के Ulwe में खुलेगी Reliance की AI यूनिवर्सिटी, 410 एकड़ में बनेगा कैंपस
Maharashtra: नवी मुंबई के रहने वालों के लिए एक बड़ी खबर है। रिलायंस फाउंडेशन अब यहाँ एक बड़ा प्राइवेट यूनिवर्सिटी खोलने जा रहा है। महाराष्ट्र सरकार ने इसके लिए मंजूरी दे दी है, जिससे इलाके में शिक्षा और रोजगार के नए मौके
Maharashtra: नवी मुंबई के रहने वालों के लिए एक बड़ी खबर है। रिलायंस फाउंडेशन अब यहाँ एक बड़ा प्राइवेट यूनिवर्सिटी खोलने जा रहा है। महाराष्ट्र सरकार ने इसके लिए मंजूरी दे दी है, जिससे इलाके में शिक्षा और रोजगार के नए मौके खुलेंगे।
रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता अंबानी ने 19 जून 2026 को रिलायंस इंडस्ट्रीज की सालाना बैठक में इसकी जानकारी दी। इस यूनिवर्सिटी का परमानेंट कैंपस नवी मुंबई के द्रोणागिरी में 410 एकड़ जमीन पर बनाया जाएगा। खास बात यह है कि इसका एक अंतरिम कैंपस Ulwe में पहले से ही चल रहा है, जहाँ आधुनिक क्लासरूम, हॉस्टल और खेलकूद की सुविधा मौजूद है।
इस यूनिवर्सिटी का मुख्य फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नई तकनीक पर होगा। यहाँ कुल सात स्कूल होंगे जो अलग-अलग विषयों की पढ़ाई कराएंगे।
| स्कूल का विषय | क्षेत्र |
|---|---|
| इंजीनियरिंग और कंप्यूटिंग | तकनीकी शिक्षा |
| मैनेजमेंट और एंटरप्रेन्योरशिप | बिजनेस और स्टार्टअप |
| लॉ, गवर्नेंस और पॉलिसी | कानून और शासन |
| ह्यूमैनिटीज और सोशल साइंसेज | मानविकी और समाजशास्त्र |
| मेडिकल साइंस और पब्लिक हेल्थ | स्वास्थ्य सेवाएं |
| आर्किटेक्चर और अर्बन प्लानिंग | शहरी नियोजन |
| एजुकेशन | शिक्षा शास्त्र |
नीता अंबानी ने बताया कि इस यूनिवर्सिटी का मकसद भारत को ग्लोबल एजुकेशन मैप पर लाना है। वह मुंबई को एक ‘नॉलेज सिटी’ बनाना चाहती हैं ताकि भारत ‘ज्ञानभूमि’ बन सके और ‘विकसित भारत’ के सपने को पूरा किया जा सके। कैंपस में रिसर्च पार्क, इनोवेशन सेंटर, मेडिसिटी और आर्ट स्पेस जैसी सुविधाएं भी होंगी। यहाँ ग्रेजुएशन से लेकर पोस्ट-डॉक्टरेट तक के कोर्स कराए जाएंगे और देश-विदेश से छात्र और वैज्ञानिक जुड़ेंगे।
यह यूनिवर्सिटी महाराष्ट्र प्राइवेट यूनिवर्सिटीज एक्ट 2023 के नियमों के तहत काम करेगी। यह एक सेल्फ-फाइनेंस्ड संस्थान होगा, जिसका मतलब है कि इसे सरकार से कोई पैसा नहीं मिलेगा। साथ ही, यहाँ पढ़ने वाले छात्र सरकार से स्कॉलरशिप या फीस वापसी की मांग नहीं कर सकेंगे। यूनिवर्सिटी चलाने वाली संस्था को इसके लिए एक एंडोमेंट फंड भी बनाना होगा।