Finance : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक बड़ा कदम उठाते हुए 150 नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFCs) का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट रद्द कर दिया है। इस कार्रवाई का असर सबसे ज्यादा दिल्ली और पश्चिम बंगाल में देखने को मिला ह
Finance : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक बड़ा कदम उठाते हुए 150 नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFCs) का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट रद्द कर दिया है। इस कार्रवाई का असर सबसे ज्यादा दिल्ली और पश्चिम बंगाल में देखने को मिला है। इसके अलावा 7 कंपनियों ने खुद ही अपना रजिस्ट्रेशन वापस ले लिया है। यह आदेश गुरुवार, 14 मई 2026 को जारी किया गया।
किन राज्यों की कितनी कंपनियां प्रभावित हुईं?
RBI की इस लिस्ट में सबसे ज्यादा कंपनियां दिल्ली और पश्चिम बंगाल की हैं। इन कंपनियों को अब NBFC के तौर पर कोई भी बिजनेस करने की इजाजत नहीं होगी। प्रभावित राज्यों का ब्योरा नीचे दी गई टेबल में है:
| राज्य |
प्रभावित कंपनियों की संख्या (लगभग) |
| West Bengal |
75 |
| Delhi |
67 |
| अन्य राज्य |
Telangana, Karnataka, MP, Bihar, Haryana |
लाइसेंस रद्द करने की मुख्य वजह क्या रही?
RBI ने यह कार्रवाई RBI एक्ट, 1934 की धारा 45-IA (6) के तहत की है। लाइसेंस रद्द करने के पीछे कई कारण रहे हैं। कुछ कंपनियों ने अपना बिजनेस बंद कर दिया था, तो कुछ RBI के नियमों का पालन नहीं कर रही थीं। कई कंपनियां जरूरी कागजात और फाइनेंशियल स्टेटमेंट जमा करने में नाकाम रहीं। साथ ही, जिन कंपनियों ने न्यूनतम नेट ओन्ड फंड (NOF) की शर्त पूरी नहीं की या जनता के हित के खिलाफ काम किया, उन पर यह गाज गिरी है।
अब इन कंपनियों का क्या होगा?
जिन 150 कंपनियों का रजिस्ट्रेशन रद्द हुआ है, वे अब किसी भी तरह का नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल बिजनेस नहीं कर सकेंगी। वहीं, जिन 7 कंपनियों ने खुद रजिस्ट्रेशन सरेंडर किया है, उनमें से कुछ बिजनेस से बाहर हो रही हैं या फिर वे ऐसी कंपनियां थीं जिन्हें रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं थी। RBI का मकसद सेक्टर को साफ करना है ताकि केवल वही कंपनियां काम करें जो नियमों का पालन करती हैं और जिनका बिजनेस असली है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
RBI ने NBFC कंपनियों के लाइसेंस क्यों रद्द किए?
लाइसेंस रद्द करने की मुख्य वजह नियमों का पालन न करना, जरूरी फाइनेंशियल रिटर्न जमा न करना, न्यूनतम फंड (NOF) की कमी और बिजनेस बंद कर देना रही।
लाइसेंस रद्द होने के बाद कंपनियां क्या कर सकती हैं?
जिन कंपनियों का सर्टिफिकेट रद्द हो गया है, उन्हें RBI एक्ट के तहत अब किसी भी नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल संस्थान का बिजनेस करने की अनुमति नहीं होगी।