Maharashtra: Religare Enterprises की पूर्व एग्जीक्यूटिव चेयरपर्सन Rashmi Saluja को मुंबई की एक मजिस्ट्रेट कोर्ट से जमानत मिल गई है। उन पर धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश रचने का आरोप है। यह मामला Care Health Insurance Ltd (CHI
Maharashtra: Religare Enterprises की पूर्व एग्जीक्यूटिव चेयरपर्सन Rashmi Saluja को मुंबई की एक मजिस्ट्रेट कोर्ट से जमानत मिल गई है। उन पर धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश रचने का आरोप है। यह मामला Care Health Insurance Ltd (CHIL) में ESOPs के बंटवारे में हुई गड़बड़ी से जुड़ा है, जिसकी जांच मुंबई की Economic Offences Wing (EOW) कर रही है।
Rashmi Saluja को जमानत मिलने की शर्तें क्या हैं?
Additional Chief Judicial Magistrate अभिजित आर सोलापुर ने 7 मई 2026 को जमानत मंजूर की। कोर्ट ने Saluja को 3 लाख रुपये का पर्सनल बॉन्ड और उतनी ही राशि की जमानत भरने का आदेश दिया है। इसके साथ ही कुछ सख्त शर्तें भी लगाई गई हैं:
- कोर्ट की इजाजत के बिना भारत छोड़कर नहीं जा सकतीं।
- सबूतों के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं करेंगी।
- सुनवाई की हर तारीख पर कोर्ट में हाजिर होना होगा।
- दो रिश्तेदारों के संपर्क विवरण और रहने का सबूत देना होगा।
क्या है पूरा धोखाधड़ी का मामला?
EOW ने अगस्त 2025 में Rashmi Saluja और तीन अन्य लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। आरोप है कि Care Health Insurance Ltd में Employee Stock Ownership Plans (ESOPs) के आवंटन में हेराफेरी की गई। जांच एजेंसी का कहना है कि इस गड़बड़ी से आरोपियों को गलत तरीके से फायदा हुआ और कंपनी व उसके शेयरधारकों को नुकसान पहुंचा। यह केस IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 120(B) (आपराधिक साजिश) के तहत दर्ज है।
ED की जांच और अन्य कानूनी मुश्किलें
Rashmi Saluja की मुश्किलें सिर्फ EOW तक सीमित नहीं हैं। Enforcement Directorate (ED) भी उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) का केस चला रही है। ED ने अक्टूबर 2025 में अपनी शिकायत में उन्हें 179.5 करोड़ रुपये के घोटाले का मुख्य साजिशकर्ता बताया है। आरोप है कि उन्होंने कम कीमत पर 2.27 करोड़ ESOPs हासिल कर गलत तरीके से कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई। इस मामले की सुनवाई स्पेशल कोर्ट में चल रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Rashmi Saluja पर क्या आरोप लगे हैं?
उन पर Care Health Insurance Ltd में ESOPs के गलत आवंटन के जरिए धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश रचने का आरोप है, जिससे कंपनी को नुकसान हुआ और उन्हें व्यक्तिगत लाभ मिला।
ED इस मामले में क्या जांच कर रही है?
ED मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) के तहत जांच कर रही है और आरोप है कि उन्होंने 179.5 करोड़ रुपये के घोटाले के जरिए गलत तरीके से कंपनी की इक्विटी हासिल की।