Bihar के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में दिखा दुर्लभ जंगली भैंसा, नेपाल से भटककर पहुंचा VTR

Bihar: बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) में इन दिनों वन्यजीवों की हलचल बढ़ गई है। हाल ही में जंगल सफारी के दौरान दुर्लभ जंगली भैंसों (गौर) के झुंड को देखा गया, जिससे वहां आए पर्यटक काफी रोमांचित नजर आए। यह लुप्तप्राय

Bihar: बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) में इन दिनों वन्यजीवों की हलचल बढ़ गई है। हाल ही में जंगल सफारी के दौरान दुर्लभ जंगली भैंसों (गौर) के झुंड को देखा गया, जिससे वहां आए पर्यटक काफी रोमांचित नजर आए। यह लुप्तप्राय प्रजाति का जानवर नेपाल की सीमा पार कर बिहार के इस संरक्षित क्षेत्र में पहुंचा है।

वाल्मीकि टाइगर रिजर्व अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और वन्यजीवों की विविधता के लिए मशहूर है। यह इलाका नेपाल के चितवन नेशनल पार्क के साथ सीमा साझा करता है। इसी वजह से भारतीय बाइसन और एक सींग वाले गैंडे जैसे जानवर अक्सर नेपाल से वाल्मीकिनगर के जंगलों में प्रवास करते रहते हैं। वन विभाग के मुताबिक, VTR में जंगली भैंसों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ रही है और यह जगह अब उनके रहने के लिए एक पसंदीदा ठिकाना बन गई है।

रिकॉर्ड के अनुसार, साल 1996 में नेपाल से पांच गौर (जंगली भैंसा) VTR में आए थे, जो फिर कभी वापस नहीं लौटे। वन अधिकारियों का अनुमान है कि वर्तमान में इस रिजर्व में लगभग 200 जंगली भैंसे रह रहे हैं। विभाग ने साल 2020-21 के वित्तीय वर्ष में इनकी सटीक गिनती कराने की योजना भी बनाई थी।

हालांकि, नेपाल से आने वाले इन जानवरों का मानवीय बस्तियों में पहुंचना कभी-कभी खतरनाक भी साबित हुआ है। अक्टूबर 2024 में बिहार के सुपौल जिले के बसंतपुर प्रखंड में कोसी नदी की बाढ़ के कारण एक अरना भैंसा भटककर भगवानपुर पंचायत में आ गया था। इस घटना में दो लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर NH 106 जाम कर दिया था। उस समय वन विभाग की टीम भैंसे को काबू नहीं कर पाई थी, जिसके बाद उसे गोली मारकर मार दिया गया था। पीएचईडी मंत्री नीरज कुमार सिंह बबलू ने पीड़ित परिवारों से मिलकर मदद का भरोसा दिया था।