Maharashtra: मुंबई के मुलुंड इलाके में संजय गांधी नेशनल पार्क (SGNP) के पास एक दुर्लभ शाहीन फाल्कन मिला था। यह पक्षी पूरी तरह बेहोश और पानी की कमी से जूझ रहा था। RAWW संस्था और वन विभाग की मदद से इसे बचाया गया और इलाज के
Maharashtra: मुंबई के मुलुंड इलाके में संजय गांधी नेशनल पार्क (SGNP) के पास एक दुर्लभ शाहीन फाल्कन मिला था। यह पक्षी पूरी तरह बेहोश और पानी की कमी से जूझ रहा था। RAWW संस्था और वन विभाग की मदद से इसे बचाया गया और इलाज के बाद वापस प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।
कैसे हुआ इस दुर्लभ पक्षी का रेस्क्यू?
मंगलवार को मुलुंड के एक रिहायशी इलाके में यह शाहीन फाल्कन बेहोशी की हालत में मिला था। Resqink Association for Wildlife Welfare (RAWW) की टीम ने इसे तुरंत रेस्क्यू किया और प्राथमिक उपचार दिया। इसके बाद डॉक्टरों ने करीब दो घंटे तक इसकी जांच की और जब पक्षी पूरी तरह स्वस्थ हो गया, तब उसे वन विभाग की मदद से जंगल में छोड़ दिया गया।
गर्मी से बचाने के लिए क्या करें?
RAWW के संस्थापक पवन शर्मा ने बताया कि भीषण गर्मी और हीटवेव की वजह से फाल्कन और ईगल जैसे बड़े पक्षी अक्सर पानी की कमी का शिकार हो जाते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि हाउसिंग सोसायटियों में अपनी छतों पर पानी के कटोरे रखें। इससे पक्षियों को आसानी से पानी मिल सकेगा और वे इस तपती गर्मी में खुद को हाइड्रेटेड रख पाएंगे।
किन संस्थाओं ने की मदद?
इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन में RAWW के डॉक्टरों और ठाणे टेरिटोरियल विंग के मुंबई रेंज के वन विभाग के अधिकारियों ने मिलकर काम किया। नियमों के मुताबिक इलाज के बाद पक्षी को सुरक्षित रूप से उसके प्राकृतिक माहौल में वापस भेज दिया गया।
Frequently Asked Questions (FAQs)
शाहीन फाल्कन को कहाँ से रेस्क्यू किया गया?
इस दुर्लभ पक्षी को मुंबई के मुलुंड इलाके में संजय गांधी नेशनल पार्क (SGNP) के पास एक रिहायशी क्षेत्र से रेस्क्यू किया गया था।
पक्षियों को गर्मी से बचाने के लिए क्या सुझाव दिया गया है?
विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि लोग अपनी छतों पर पानी के कटोरे रखें ताकि गर्मी के कारण पानी की कमी से जूझ रहे पक्षी वहां से पानी पी सकें।