Maharashtra: कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (KDMC) में स्वच्छता के लिए जाने जाने वाले अधिकारी Ramdas Kokare की दोबारा नियुक्ति हो गई है। राज्य सरकार ने जनता के भारी दबाव और राजनीतिक हस्तक्षेप के बाद उन्हें फिर से डिप्टी म्युनि
Maharashtra: कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (KDMC) में स्वच्छता के लिए जाने जाने वाले अधिकारी Ramdas Kokare की दोबारा नियुक्ति हो गई है। राज्य सरकार ने जनता के भारी दबाव और राजनीतिक हस्तक्षेप के बाद उन्हें फिर से डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर (सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट) बना दिया है। पिछले महीने उनके अचानक ट्रांसफर के बाद शहर के लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में काफी नाराजगी थी।
Ramdas Kokare की वापसी कैसे हुई?
Ramdas Kokare का ट्रांसफर अप्रैल के अंत में हुआ था, जिसकी खबर 1 मई 2026 के आसपास सामने आई थी। उनके जाने के बाद शहर के निवासियों और एक्टिविस्ट्स ने उनके काम को देखते हुए उन्हें वापस लाने के लिए अभियान चलाया। KDMC कमिश्नर Abhinav Goel ने भी राज्य सरकार से उन्हें वापस बुलाने की सिफारिश की थी। साथ ही, कल्याण के सांसद Shrikant Shinde ने भी इस मामले में अहम भूमिका निभाई, जिसके बाद सोमवार, 18 मई 2026 को उनकी नियुक्ति का आदेश जारी हुआ।
सफाई व्यवस्था में Kokare का क्या काम रहा है?
Ramdas Kokare को शहर में कचरा प्रबंधन के मॉडल को सुधारने के लिए जाना जाता है। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान Adharwadi डंपिंग ग्राउंड को बंद करवाया था। सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि उन्होंने शहर में कचरे को अलग-अलग करने (Waste Segregation) के स्तर को 3% से बढ़ाकर लगभग 70% तक पहुँचाया। लोगों का मानना था कि उनके ट्रांसफर के बाद शहर की सफाई व्यवस्था फिर से बिगड़ने लगी थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Ramdas Kokare को दोबारा KDMC में कब नियुक्त किया गया?
राज्य सरकार ने सोमवार, 18 मई 2026 को Ramdas Kokare को फिर से डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर (सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट) के पद पर नियुक्त किया।
Kokare की वापसी के लिए किन लोगों ने दबाव बनाया?
कल्याण-डोंबिवली के स्थानीय निवासियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, KDMC कमिश्नर Abhinav Goel और सांसद Shrikant Shinde ने उनकी वापसी के लिए प्रयास किए।