UP: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT की जांच पूरी, चंपत राय और अनिल मिश्रा पर गिर सकती है गाज
UP: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। विशेष जांच दल (SIT) अपनी शुरुआती जांच पूरी कर आज, 20 जून 2026 को लखनऊ लौट रही है, जहां वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपनी रिपोर्ट
UP: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। विशेष जांच दल (SIT) अपनी शुरुआती जांच पूरी कर आज, 20 जून 2026 को लखनऊ लौट रही है, जहां वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है और संभावना है कि वे खुद ही अपने पदों से इस्तीफा दे दें।
इस पूरे मामले की शुरुआत 7 जून 2026 को हुई थी जब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चढ़ावे में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया था। इसके बाद 13 जून को यूपी सरकार ने लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अगुवाई में SIT का गठन किया। जांच टीम ने अयोध्या में दान पेटियों के खुलने से लेकर बैंक में पैसा जमा होने तक की पूरी प्रक्रिया की बारीकी से जांच की है।
जांच के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। चंपत राय के ड्राइवर रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, जो गिनती के काम में शामिल था, उसके घर से सोना और करीब 2 करोड़ रुपये बरामद हुए हैं। टिन्नू ने एसआईटी को बताया कि नकदी की पूरी जिम्मेदारी डॉ. अनिल मिश्रा के पास थी। वहीं, एक पूर्व इंजीनियर दीनानाथ वर्मा ने डॉ. अनिल मिश्रा पर दान के मामलों में 40% कमीशन लेने का गंभीर आरोप लगाया है।
SIT ने 2021 से अब तक के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले हैं, जिनमें कुछ संदिग्ध गतिविधियां नजर आई हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि इस खेल में बैंक कर्मचारियों की भी मिलीभगत हो सकती है। इसी वजह से SIT ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के वर्तमान और पूर्व प्रबंधकों के साथ-साथ डिजिटल सिस्टम संभालने वाली कंपनी TCS के छह कर्मचारियों से भी पूछताछ की है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता से अपील की है कि यदि किसी के पास इस चोरी से जुड़ा कोई सबूत है, तो वह SIT को दे। उन्होंने लोगों से जांच पूरी होने तक किसी भी तरह का बयान न देने को कहा है। वहीं, निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने भरोसा दिलाया है कि जांच में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।