Bihar में अयोध्या से जनकपुर का सफर होगा आसान, चंपारण के 49 गांवों से गुजरेगा फोर लेन राम-जानकी पथ

Bihar/East Champaran : अयोध्या से जनकपुर जाने वाले श्रद्धालुओं और आम लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। राम-जानकी पथ के निर्माण की तैयारी तेज हो गई है, जिससे अब यह सफर पहले के मुकाबले काफी आसान और छोटा हो जाएगा। यह फोर लेन

Bihar/East Champaran : अयोध्या से जनकपुर जाने वाले श्रद्धालुओं और आम लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। राम-जानकी पथ के निर्माण की तैयारी तेज हो गई है, जिससे अब यह सफर पहले के मुकाबले काफी आसान और छोटा हो जाएगा। यह फोर लेन सड़क चंपारण के दर्जनों गांवों से होकर गुजरेगी, जिससे इलाके के विकास को नई रफ्तार मिलेगी।

पूर्वी चंपारण में इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण का काम काफी तेज कर दिया गया है। यह फोर लेन सड़क जिले के सात अलग-अलग सर्किलों के 49 गांवों से होकर गुजरेगी। इसमें केसरिया के 11 गांव, कल्याणपुर के 15, मधुबन के 13, फेनहारा के 5, चकिया के 3 और मेहसी व पटही का एक-एक गांव शामिल है। जिले में इस सड़क की कुल लंबाई 56 किलोमीटर होगी, जो केसरिया के ढेकाहन से शुरू होकर पटही के रास्ते शिवहर की ओर जाएगी।

प्रशासन ने जमीन की श्रेणियों की जांच के लिए पांच सदस्यों की एक कमेटी बनाई है, जो अब अंतिम चरण में है। इसके बाद नोटिफिकेशन जारी करने और खेसरा रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। केंद्र सरकार ने अयोध्या से सीतामढ़ी तक के 240 किलोमीटर लंबे इस पथ के लिए 6155 करोड़ रुपये की लागत मंजूर की है।

इस सड़क के बनने से न केवल यात्रा का समय बचेगा, बल्कि धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। यह रास्ता दुनिया भर में मशहूर केसरिया बौद्ध स्तूप, सोमेश्वर धाम, विराट रामायण मंदिर और सीताकुंड धाम जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों को जोड़ेगा। अयोध्या से सीतामढ़ी के बीच का सफर अब घटकर करीब 5 से 6 घंटे रह जाएगा।

प्रोजेक्ट को सुचारू बनाने के लिए सीवान, तरवारा, बसंतपुर और मशरख में बाईपास बनाए जाएंगे। साथ ही एक बड़ा पुल, 14 छोटे पुल, 15 अंडरपास और एक रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण भी होगा। पर्यावरण का ध्यान रखते हुए सीवान में प्रभावित पेड़ों का वैज्ञानिक तरीके से ट्रांसप्लांट किया जाएगा और नए पौधे लगाए जाएंगे। इस पूरे प्रोजेक्ट को साल 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।