Bihar: भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या और माता जानकी की जन्मभूमि सीतामढ़ी अब जल्द ही एक शानदार फोरलेन सड़क से जुड़ जाएंगे। इस राम-जानकी पथ के निर्माण के लिए बिहार में जमीन अधिग्रहण का काम तेज कर दिया गया है। करीब 6,155
Bihar: भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या और माता जानकी की जन्मभूमि सीतामढ़ी अब जल्द ही एक शानदार फोरलेन सड़क से जुड़ जाएंगे। इस राम-जानकी पथ के निर्माण के लिए बिहार में जमीन अधिग्रहण का काम तेज कर दिया गया है। करीब 6,155 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह सड़क श्रद्धालुओं और आम लोगों के लिए यात्रा को बहुत आसान बना देगी।
राम-जानकी पथ का रूट और खासियत क्या है?
यह हाईवे कुल 240 किलोमीटर लंबा होगा। यह सड़क उत्तर प्रदेश और बिहार की सीमा पर स्थित Mehrauna Ghat से शुरू होकर सीवान, सारण, पूर्वी चंपारण और शिवहर होते हुए सीतामढ़ी के Bhittha Mor तक जाएगी। पहले इसे टू-लेन बनाने की योजना थी, लेकिन इसकी धार्मिक और रणनीतिक अहमियत को देखते हुए इसे फोरलेन रोड में बदल दिया गया है। सीतामढ़ी में एक बाईपास भी बनाया जाएगा ताकि लोग सीधे पुनौरा धाम पहुंच सकें।
जमीन अधिग्रहण और मुआवजे की क्या प्रक्रिया है?
बिहार में जमीन अधिग्रहण के लिए पांच सदस्यीय कमेटी बनाई गई है जो जमीन की जांच कर रही है। यह काम एक महीने में पूरा होने की उम्मीद है। जमीन मालिकों को मुआवजा National Highway Act 1956 और RFCTLARR Act 2013 के नियमों के हिसाब से दिया जाएगा। प्रशासनिक अड़चनें दूर हो चुकी हैं और जल्द ही मुआवजे का भुगतान शुरू होगा।
प्रोजेक्ट कब तक पूरा होगा?
इस प्रोजेक्ट का काम 2026 में शुरू होने की संभावना है। अलग-अलग हिस्सों के लिए अलग समय सीमा तय की गई है। उत्तर प्रदेश के हिस्से का काम मई 2027 तक, सीवान से मसरख का हिस्सा नवंबर 2026 तक और मेहरौना घाट से सीवान तक का काम दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
राम-जानकी पथ की कुल लंबाई और लागत कितनी है?
यह फोरलेन हाईवे 240 किलोमीटर लंबा होगा और इसे बनाने में लगभग 6,155 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
यह सड़क बिहार के किन जिलों से होकर गुजरेगी?
यह सड़क मेहरौना घाट से शुरू होकर सीवान, सारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर और सीतामढ़ी जिलों से होकर गुजरेगी।