UP : लखनऊ के टेढ़ी पुलिया चौराहे पर शुक्रवार को ट्रैफिक व्यवस्था की पोल खुल गई। यहाँ देश के रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद Rajnath Singh का काफिला भारी जाम में फंस गया। इस घटना के बाद शहर की यातायात व्यवस्था पर सवाल उठने
UP : लखनऊ के टेढ़ी पुलिया चौराहे पर शुक्रवार को ट्रैफिक व्यवस्था की पोल खुल गई। यहाँ देश के रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद Rajnath Singh का काफिला भारी जाम में फंस गया। इस घटना के बाद शहर की यातायात व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं क्योंकि एक VIP मूवमेंट के दौरान भी ट्रैफिक कंट्रोल नहीं हो पाया।
टेढ़ी पुलिया पर जाम की स्थिति क्या रही
शुक्रवार, 5 जून 2026 को लखनऊ के टेढ़ी पुलिया चौराहे पर अचानक ट्रैफिक जाम लग गया। इस जाम में रक्षा मंत्री Rajnath Singh का काफिला भी फंस गया, जिससे काफी समय तक वीआईपी मूवमेंट थमा रहा। यह इलाका पहले भी जाम के लिए जाना जाता रहा है और नवंबर 2025 में भी यहाँ भीषण जाम लगा था, जब ट्रैफिक पुलिस मौके पर मौजूद नहीं थी।
जाम कम करने के लिए क्या कदम उठाए गए
लखनऊ में ट्रैफिक सुधार के लिए कई योजनाएं चलाई गई हैं। Rajnath Singh ने अगस्त 2021 में यातायात सुधार का लक्ष्य रखा था। मार्च 2026 में उन्होंने मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के साथ ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के दूसरे चरण का उद्घाटन किया। इस प्रोजेक्ट में डालीगंज पुल से समतामूलक चौक तक करीब 7 किलोमीटर लंबा रास्ता 250 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है, ताकि हजरतगंज और निशातगंज जैसे इलाकों में जाम कम हो सके।
Rajnath Singh की हालिया लखनऊ यात्राएं
रक्षा मंत्री हाल ही में 30 मई 2026 को ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ के उद्घाटन के लिए लखनऊ आए थे। उन्होंने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की अंतिम समीक्षा भी की है। उम्मीद है कि इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 15 जून के बाद किया जाएगा। हालांकि, शहर के भीतर ट्रैफिक की समस्या अभी भी आम लोगों और वीआईपी दोनों के लिए चुनौती बनी हुई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
रक्षा मंत्री का काफिला कहाँ जाम में फँसा
रक्षा मंत्री Rajnath Singh का काफिला लखनऊ के टेढ़ी पुलिया चौराहे पर शुक्रवार, 5 जून 2026 को ट्रैफिक जाम में फँसा था।
ग्रीन कॉरिडोर परियोजना का उद्देश्य क्या है
इस परियोजना का उद्देश्य हजरतगंज, डालीगंज और निशातगंज जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाम कम करना है। इसके तहत 250 करोड़ रुपये से 7 किलोमीटर लंबा मार्ग तैयार किया गया है।