Gujarat: राजकोट के गांधीग्राम इलाके में रहने वाले एक बैंक सुरक्षा गार्ड से साइबर ठगों ने करीब 15 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने खुद को मुंबई पुलिस का अफसर बताकर पीड़ित को डराया और उसे मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे केस में फंसाने की
Gujarat: राजकोट के गांधीग्राम इलाके में रहने वाले एक बैंक सुरक्षा गार्ड से साइबर ठगों ने करीब 15 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने खुद को मुंबई पुलिस का अफसर बताकर पीड़ित को डराया और उसे मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। पीड़ित ने इस मामले की शिकायत राजकोट के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई है।
ठगी का तरीका क्या था और कैसे फंसाया गया
पीड़ित प्रकाश चौहान, जो एक प्राइवेट बैंक में सिक्योरिटी गार्ड हैं, को 1 फरवरी 2026 को एक WhatsApp कॉल आया। कॉल करने वाले ने अपना नाम संदीप बताया और दावा किया कि वह मुंबई के कोलाबा पुलिस स्टेशन में तैनात है। ठगों ने प्रकाश और उनकी मां को धमकी दी कि अगर उन्होंने यह बात किसी को बताई तो उनके घर को सील कर दिया जाएगा और उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई। ठगों ने उनके आधार कार्ड की कॉपी मांगी और काम के दौरान भी मोबाइल कॉल कनेक्ट रखकर उनकी हर हरकत पर नजर रखी।
कितने रुपयों का हुआ नुकसान
| विवरण |
रकम (लगभग) |
| सीधे ट्रांसफर की गई राशि |
9 लाख रुपये |
| शेयर बेचने पर हुआ नुकसान |
6 लाख रुपये |
| दोस्तों से ब्याज पर लिया कर्ज |
1 लाख रुपये |
| कुल अनुमानित नुकसान |
16 लाख रुपये |
ठगों ने पीड़ित को डराकर उसके डीमैट अकाउंट से करीब 15 लाख रुपये के शेयर बेचने पर मजबूर किया, जिससे उन्हें 6 लाख रुपये का नुकसान हुआ। इसके अलावा, 9 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कराए गए। जब पीड़ित ने एक दोस्त से इस बारे में बात की, तब उन्हें एहसास हुआ कि उनके साथ धोखा हुआ है। इसके बाद उन्होंने नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क किया।
पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की है
राजकोट पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 204, 308(5), 319(2) और 318(4) के साथ आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब उस WhatsApp नंबर और उन बैंक खातों के मालिकों की तलाश कर रही है जिनमें पैसा ट्रांसफर किया गया था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
प्रकाश चौहान के साथ ठगी कैसे हुई?
ठगों ने खुद को मुंबई के कोलाबा पुलिस स्टेशन का अफसर बताकर प्रकाश को मनी लॉन्ड्रिंग और अपराधी नरेश गोहिल से संबंध होने का झूठा आरोप लगाया और डराकर पैसे ऐंठे।
साइबर ठगी होने पर सबसे पहले क्या करना चाहिए?
साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए या नजदीकी साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करानी चाहिए।