Rajasthan: दिल्ली और गुजरात के बीच यात्रा करने वाले लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। कोटा के पास पहाड़ियों के बीच बनी 4.9 किलोमीटर लंबी मुकुन्दरा टनल 15 मई 2026 से ट्रायल रन के लिए खुलने जा रही है। यह सुरंग दिल्ली-मुंबई
Rajasthan: दिल्ली और गुजरात के बीच यात्रा करने वाले लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। कोटा के पास पहाड़ियों के बीच बनी 4.9 किलोमीटर लंबी मुकुन्दरा टनल 15 मई 2026 से ट्रायल रन के लिए खुलने जा रही है। यह सुरंग दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का एक अहम हिस्सा है, जिससे अब सफर बिना रुके और काफी कम समय में पूरा हो सकेगा।
मुकुन्दरा टनल से सफर में क्या बदलाव आएगा
इस सुरंग के बनने से दिल्ली और गुजरात के बीच यात्रा करने वालों को अब कोटा के पास करीब 25 किलोमीटर के कठिन पहाड़ी रास्तों से नहीं गुजरना पड़ेगा। राजस्थान की यह सबसे चौड़ी सुरंग है। पहले चरण में इसकी 4 लेन खोली जाएंगी और जून 2026 के अंत तक बाकी का काम पूरा कर दोनों ट्यूब पूरी तरह चालू कर दिए जाएंगे।
सुरक्षा के लिए AI और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल
NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर संदीप अग्रवाल के मुताबिक, सुरंग का 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। ट्रैफिक की निगरानी के लिए इसमें Artificial Intelligence (AI) का इस्तेमाल किया गया है। सुरक्षा के लिए इसमें कई खास इंतजाम किए गए हैं:
- खतरनाक गैसों का पता लगाने के लिए AI आधारित सेंसर लगाए गए हैं।
- हवा के बहाव के लिए 104 जेट फैन लगाए गए हैं।
- आग बुझाने का सिस्टम और हीट डिटेक्शन तकनीक मौजूद है।
- हर 300-400 मीटर पर दोनों सुरंगों को आपस में जोड़ा गया है।
- स्मार्ट लाइटिंग और मोबाइल कनेक्टिविटी की सुविधा दी गई है।
किन वाहनों के लिए सुरंग में जाना मना है
एक्सप्रेसवे के नियमों के मुताबिक, सुरक्षा कारणों से कुछ वाहनों को इस टनल से गुजरने की अनुमति नहीं होगी। दोपहिया वाहन, तिपहिया वाहन, ट्रैक्टर-ट्रॉली और ज्वलनशील पदार्थ जैसे LPG या पेट्रोलियम उत्पाद ले जाने वाले वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा। इस सुरंग को New Austrian Tunnelling Method (NATM) से बनाया गया है और इसे 100 साल तक चलने के लिए डिजाइन किया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुकुन्दरा टनल कब से चालू होगी और इसकी लंबाई कितनी है
इस सुरंग का ट्रायल रन 15 मई 2026 से शुरू होगा और जून के अंत तक यह पूरी तरह चालू हो जाएगी। इसकी कुल लंबाई 4.9 किलोमीटर है और यह 8 लेन की सुरंग है।
इस सुरंग से यात्रा करने में क्या फायदा होगा
इस सुरंग के जरिए दिल्ली-गुजरात के बीच सफर नॉन-स्टॉप हो जाएगा। यात्रियों को कोटा के पास मौजूद 25 किलोमीटर के चुनौतीपूर्ण पहाड़ी रास्ते को पार नहीं करना पड़ेगा, जिससे समय की बचत होगी।