Rajasthan: राजस्थान के शेखावाटी इलाके के लिए पानी की बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma ने दिल्ली में हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री C.R. Patil से मुलाकात की। इस बैठक में
Rajasthan: राजस्थान के शेखावाटी इलाके के लिए पानी की बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma ने दिल्ली में हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री C.R. Patil से मुलाकात की। इस बैठक में यमुना जल समझौते के तहत पाइपलाइन बिछाने के काम को जल्द पूरा करने पर चर्चा हुई ताकि राज्य के प्यासे जिलों तक पानी पहुंच सके।
यमुना जल समझौते से राजस्थान को क्या मिलेगा
1994 के समझौते के तहत राजस्थान को यमुना के पानी का 10.4% हिस्सा मिलना है। इसके मुताबिक राजस्थान को हर साल लगभग 577 मिलियन क्यूबिक मीटर (MCM) पानी मिलेगा। यह पानी जुलाई से अक्टूबर के मानसून सीजन के दौरान Hathnikund Barrage से लिया जाएगा। नवंबर से जून के बीच राजस्थान को यहां से पानी नहीं मिलेगा।
किन जिलों को होगा फायदा और कितना होगा खर्च
इस प्रोजेक्ट के पहले फेज में करीब 265 किलोमीटर लंबी अंडरग्राउंड पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इससे राजस्थान के सूखे इलाके शेखावाटी के चूरू, सीकर और झुंझुनूं जिलों को फायदा होगा। राजस्थान की तरफ इस बुनियादी ढांचे को बनाने में लगभग 32,000 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है।
खेती और सिंचाई पर क्या असर पड़ेगा
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस प्रोजेक्ट से कुल 1,05,000 हेक्टेयर जमीन पर सिंचाई हो सकेगी। इसमें दूसरे फेज के दौरान चूरू जिले में 35,000 हेक्टेयर और झुंझुनूं जिले में 70,000 हेक्टेयर क्षेत्र को कवर किया जाएगा। इसके अलावा मीटिंग में दिल्ली को जोड़ने वाली RRTS ट्रेन और भिवाड़ी में जलभराव की समस्या पर भी बात हुई।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यमुना जल समझौते के तहत राजस्थान को कितना पानी मिलेगा?
राजस्थान को यमुना के पानी का 10.4% हिस्सा मिलेगा, जो सालाना लगभग 577 मिलियन क्यूबिक मीटर (MCM) या 1,917 क्यूसेक होता है।
इस प्रोजेक्ट से राजस्थान के कौन से जिले लाभान्वित होंगे?
इस प्रोजेक्ट से मुख्य रूप से शेखावाटी क्षेत्र के चूरू, सीकर और झुंझुनूं जिलों में पानी पहुंचेगा और वहां सिंचाई की सुविधा बढ़ेगी।