Rajasthan और Haryana के बीच यमुना जल समझौता साइन, शेखावाटी क्षेत्र के लाखों लोगों को मिलेगा पीने का पानी

Rajasthan/Haryana: राजस्थान और हरियाणा के बीच सालों से चला आ रहा यमुना पानी का विवाद अब खत्म हो गया है। सोमवार, 29 जून 2026 को दोनों राज्यों ने आधिकारिक तौर पर एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री A

Rajasthan/Haryana: राजस्थान और हरियाणा के बीच सालों से चला आ रहा यमुना पानी का विवाद अब खत्म हो गया है। सोमवार, 29 जून 2026 को दोनों राज्यों ने आधिकारिक तौर पर एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah, जल शक्ति मंत्री C R Patil और दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी रही। इस फैसले से राजस्थान के उन इलाकों में पीने के पानी की किल्लत दूर होगी जो लंबे समय से परेशान थे।

यह मामला करीब 30 साल पुराना था। साल 1994 में Upper Yamuna River Board (UYRB) के बीच एक समझौता हुआ था, लेकिन नहर सिस्टम न होने की वजह से राजस्थान को पानी नहीं मिल पा रहा था। अब इस समस्या को सुलझा लिया गया है और पानी पहुंचाने के लिए एक नया फ्रेमवर्क तैयार किया गया है। इस प्रोजेक्ट के तहत हरियाणा के Hathnikund Barrage से राजस्थान को लगभग 580 मिलियन क्यूबिक मीटर (MCM) पानी मिलेगा।

पानी को राजस्थान तक पहुँचाने के लिए तीन बड़े अंडरग्राउंड पाइपलाइन बिछाई जाएंगी, जिनका व्यास 3.6 मीटर से ज्यादा होगा। यह पानी मुख्य रूप से मानसून के महीनों यानी जुलाई से अक्टूबर के बीच सप्लाई किया जाएगा। इस समझौते का सबसे ज्यादा फायदा राजस्थान के चूरू, सीकर और झुंझुनूं जिलों को मिलेगा, जिन्हें शेखावाटी क्षेत्र कहा जाता है। साथ ही हरियाणा के भिवानी और फतेहाबाद इलाकों को भी इससे लाभ होगा।

प्रोजेक्ट को सही तरीके से चलाने और उसकी देखरेख के लिए एक स्पेशल संस्था बनाई जाएगी, जिसका नाम Rajasthan-Haryana Yamuna Water Project SPV (RHYWSPV) होगा। केंद्रीय मंत्री Amit Shah ने इसे सहकारी संघवाद का एक बड़ा उदाहरण बताया और कहा कि यह दोनों राज्यों के लिए फायदे का सौदा है। राजस्थान के मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma ने इसे एक ऐतिहासिक कदम बताया, जबकि हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने के लिए पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया है।