NEET पेपर लीक मामला: Raj Thackeray ने Sonam Wangchuk के अनशन को दिया समर्थन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

Maharashtra: महाराष्ट्र नव निर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे ने सामाजिक कार्यकर्ता Sonam Wangchuk के समर्थन में बड़ा कदम उठाया है। राज ठाकरे ने NEET परीक्षा के पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों के खिलाफ दिल

Maharashtra: महाराष्ट्र नव निर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे ने सामाजिक कार्यकर्ता Sonam Wangchuk के समर्थन में बड़ा कदम उठाया है। राज ठाकरे ने NEET परीक्षा के पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों के खिलाफ दिल्ली में भूख हड़ताल कर रहे वांगचुक का पूरा समर्थन किया है।

Sonam Wangchuk का अनिश्चितकालीन अनशन 16 जुलाई 2026 को 19वें दिन में प्रवेश कर गया। राज ठाकरे ने केंद्र सरकार पर इस पूरे मामले में उदासीन रहने का आरोप लगाया और शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के तुरंत इस्तीफे की मांग की। उन्होंने इस स्थिति को एक राष्ट्रीय संकट बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से व्यक्तिगत हस्तक्षेप की अपील की और वांगचुक की बिगड़ती सेहत पर चिंता जताई।

यह पूरा विवाद NEET-UG 2026 परीक्षा से जुड़ा है, जो 3 मई 2026 को हुई थी और पेपर लीक की जांच के बाद 12 मई 2026 को रद्द कर दी गई थी। CBI ने इस मामले में FIR दर्ज की है और दिल्ली कोर्ट को बताया कि लातूर के एक ट्यूटर के फोन से मिले 136 सवालों में से 111 सवाल NTA के मास्टर प्रश्न पत्र से मेल खाते हैं।

इस विरोध प्रदर्शन में केवल MNS ही नहीं, बल्कि अन्य विपक्षी दल भी शामिल हैं। शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भी वांगचुक का समर्थन किया है। TMC सांसद Mahua Moitra और नेता Saket Gokhale ने वांगचुक की गंभीर हालत को देखते हुए सरकार से बातचीत करने की अपील की।

Cockroach Janta Party (CJP) के संस्थापक Abhijeet Dipke ने सरकार पर क्रूरता का आरोप लगाया है। CJP ने 16 जुलाई को एक दिवसीय सामूहिक भूख हड़ताल की और 20 जुलाई को ‘चलो संसद’ मार्च निकालने का ऐलान किया है, जो संसद के मानसून सत्र के पहले दिन होगा।

दूसरी तरफ, केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने एक इंटरव्यू में माना कि परीक्षा के कमांड चेन में चूक हुई थी। उन्होंने घोषणा की कि 2027 से NEET को कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) बनाया जाएगा। NTA के महानिदेशक Abhishek Singh ने कहा कि परीक्षा शुल्क वापस किया जाएगा और दोबारा परीक्षा निष्पक्ष तरीके से होगी।