Maharashtra में ‘Third Mumbai’ प्रोजेक्ट पर बवाल, राज ठाकरे ने कहा- बाहरी लोग आएंगे और स्थानीय लोग भुगतेंगे

Maharashtra: महाराष्ट्र नव निर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे ने राज्य सरकार के ‘थर्ड मुंबई’ प्रोजेक्ट पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस योजना के बारे में लोगों को अंधेरे में रख रही

Maharashtra: महाराष्ट्र नव निर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे ने राज्य सरकार के ‘थर्ड मुंबई’ प्रोजेक्ट पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस योजना के बारे में लोगों को अंधेरे में रख रही है। राज ठाकरे का कहना है कि इस नए शहर के बनने से बाहरी लोगों को तो फायदा होगा, लेकिन जिन स्थानीय लोगों की जमीन ली जा रही है, उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ेगी।

रविवार को रायगढ़ जिले के दौरे के दौरान राज ठाकरे ने पेन, पनवेल और उरण तालुकों के लोगों की चिंताएं जाहिर कीं। उन्होंने कहा कि जमीन के सौदों और राजनीतिक हितों को स्थानीय लोगों की भलाई से ऊपर रखा जा रहा है। राज ठाकरे ने यह भी सवाल उठाया कि क्या इस नए शहर में आने वाले अवसरों के लिए महाराष्ट्र के युवाओं को तैयार किया जा रहा है। उन्होंने स्थानीय लोगों से अपील की कि वे अपनी जमीन बेचने के बजाय इस विकास में हिस्सेदार बनें।

इस विवाद पर जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि ‘थर्ड मुंबई’ को महाराष्ट्र के आर्थिक विकास का नया केंद्र बनाने की तैयारी है। उन्होंने दावा किया कि इससे रोजगार, उद्योग और इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा मिलेगा और इसकी प्लानिंग अंतरराष्ट्रीय मानकों के हिसाब से की जा रही है। वहीं, परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने मुंबई-गोवा हाईवे के काम में देरी को स्वीकार किया और कहा कि राज ठाकरे के सुझावों पर विचार किया जाएगा।

सरकारी जानकारी के मुताबिक, ‘थर्ड मुंबई’ को आधिकारिक तौर पर ‘कर्नाला-साई-चिरनेर (KSC) न्यू टाउन’ के नाम से जाना जाता है। यह स्मार्ट सिटी रायगढ़ जिले के 124 गांवों में लगभग 323-334 वर्ग किलोमीटर में फैली होगी। इस प्रोजेक्ट का मकसद मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) की भीड़ को कम करना और आर्थिक विकास को बढ़ाना है। यहाँ एजुकेशन सिटी, मेडिकल सिटी, स्पोर्ट्स सेंटर और दुनिया की टॉप पांच यूनिवर्सिटीज के कैंपस बनाने की योजना है।

प्रोजेक्ट की प्लानिंग के लिए MMRDA ने सिंगापुर की कंपनी Surbana Jurong Infrastructure के साथ समझौता किया है। इसके अलावा, सिंगापुर की ही एक और कंपनी Mapletree द्वारा रायगढ़-पेन ग्रोथ सेंटर में 1.1 बिलियन डॉलर के निवेश की बात भी सामने आई है। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया अप्रैल 2026 में शुरू हुई थी, जिसमें जमीन मालिकों को पैसे, FSI, TDR या लैंड पूलिंग जैसे विकल्प दिए गए हैं। हालांकि, अप्रैल 2025 से ही ‘MMRDA KSC नवनगर विरोधी समिति’ जैसे समूह इस प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे हैं।