Railway: भारतीय रेलवे में 30,000 पदों को खत्म करने की खबरें सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्ट्स में वायरल हो रही थीं। रेल मंत्रालय ने अब इन दावों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है। मंत्रालय ने साफ किया है कि पदों को हटाया नहीं
Railway: भारतीय रेलवे में 30,000 पदों को खत्म करने की खबरें सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्ट्स में वायरल हो रही थीं। रेल मंत्रालय ने अब इन दावों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है। मंत्रालय ने साफ किया है कि पदों को हटाया नहीं जा रहा, बल्कि उन्हें सही जगह पर शिफ्ट किया जा रहा है ताकि ट्रेनों का संचालन और सुरक्षा बेहतर हो सके।
क्या है मैनपावर रेशनलाइजेशन का पूरा मामला?
रेल मंत्रालय के मुताबिक यह एक रूटीन प्रशासनिक प्रक्रिया है जिसे ‘मैनपावर रेशनलाइजेशन’ कहा जा रहा है। इसका मतलब है कि जो पद अब जरूरी नहीं रह गए हैं, उन्हें हटाकर उन विभागों में भेजा जाएगा जहां कर्मचारियों की ज्यादा जरूरत है, खासकर सुरक्षा (Safety) और ऑपरेशन से जुड़े कामों में। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि रेलवे के कुल स्वीकृत पदों की संख्या में कोई कमी नहीं की गई है।
कितने पदों पर होगा असर और कौन से जोन शामिल हैं?
रेलवे बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कुल स्वीकृत पदों (14,80,455) का 2% हिस्सा रेशनलाइज करने का लक्ष्य रखा है। इस प्रक्रिया की मुख्य बातें नीचे दी गई टेबल में देख सकते हैं:
| विवरण |
जानकारी |
| कुल प्रभावित पद |
लगभग 29,608 पद |
| मुख्य उद्देश्य |
सुरक्षा और ऑपरेशनल क्षमता बढ़ाना |
| सबसे ज्यादा असर वाले जोन |
Northern, Eastern, Central और Western Railway |
| प्रोसेसिंग माध्यम |
HRMS पोर्टल के जरिए |
| लक्ष्य की अवधि |
तिमाही आधार (Quarterly) पर पूरा करना |
सुरक्षा और नई टेक्नोलॉजी पर क्या बोले रेल मंत्री?
रेल मंत्री Ashwini Vaishnav ने बताया कि अगले 5 से 8 साल में रेलवे की सुरक्षा और ट्रैक मेंटेनेंस का पूरा तरीका बदल दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले 10 साल में रेल हादसों में 90% की कमी आई है। इसके लिए ट्रैक मेंटेनेंस स्टाफ के लिए एक मोबाइल ऐप भी बनाया जा रहा है, जिसका ट्रायल Southern और Western Railway में चल रहा है। अधिकारियों के अनुसार, रेलवे हर साल 15,000 से ज्यादा नए कर्मचारी जोड़ रहा है, इसलिए नौकरी खत्म होने का डर नहीं है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या रेलवे में 30,000 नौकरियां खत्म हो रही हैं?
नहीं, रेल मंत्रालय ने इसे गलत बताया है। यह केवल पदों का पुनर्वितरण (Redistribution) है, जिससे कुल पदों की संख्या में कोई कमी नहीं आएगी।
मैनपावर रेशनलाइजेशन का कर्मचारियों पर क्या असर होगा?
जो पद अब काम के नहीं रहे, उन्हें सुरक्षा और ऑपरेशन जैसे जरूरी विभागों में ट्रांसफर किया जाएगा ताकि रेलवे की सेफ्टी बढ़ सके।