Delhi, West Bengal: रेल मंत्रालय ने देश के दो बड़े रेल कॉरिडोर, जम्मू-कटरा और हावड़ा-दिल्ली के लिए 1,200 करोड़ रुपये के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है। मंगलवार, 19 मई 2026 को हुई इस घोषणा का मकसद ट्रेनों की
Delhi, West Bengal: रेल मंत्रालय ने देश के दो बड़े रेल कॉरिडोर, जम्मू-कटरा और हावड़ा-दिल्ली के लिए 1,200 करोड़ रुपये के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है। मंगलवार, 19 मई 2026 को हुई इस घोषणा का मकसद ट्रेनों की सुरक्षा बढ़ाना और सफर को आसान बनाना है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इन कामों से कठिन इलाकों में भी रेल कनेक्टिविटी भरोसेमंद होगी।
जम्मू-कटरा सेक्शन में क्या होगा बदलाव?
उत्तरी रेलवे के जम्मू-श्री माता वैष्णो देवी कटरा सेक्शन के लिए 238 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इस पैसे का इस्तेमाल ढलान को स्थिर करने, सुरंगों की मरम्मत और पुलों के संरक्षण के लिए किया जाएगा। यह इलाका भौगोलिक रूप से काफी कठिन है, इसलिए यहाँ सुरक्षा और मजबूती बढ़ाना जरूरी है ताकि यात्रियों को कोई परेशानी न हो।
हावड़ा-दिल्ली कॉरिडोर और किउल-झाझा प्रोजेक्ट की जानकारी
हावड़ा-दिल्ली कॉरिडोर के तहत किउल-झाझा के बीच 54 किलोमीटर लंबी तीसरी लाइन बिछाने के लिए 962 करोड़ रुपये दिए गए हैं। फिलहाल इस रूट पर डबल लाइन है, जिस पर ट्रेनों का दबाव बहुत ज्यादा रहता है। नई लाइन बनने से यात्री और मालगाड़ियों की आवाजाही तेज होगी और परिचालन क्षमता में सुधार आएगा।
| प्रोजेक्ट का नाम |
बजट (करोड़ रुपये में) |
मुख्य उद्देश्य |
| जम्मू-कटरा सेक्शन |
238 |
सुरंग और पुल संरक्षण, ढलान स्थिरीकरण |
| किउल-झाझा थर्ड लाइन |
962 |
क्षमता बढ़ाना और परिचालन दक्षता |
ये सभी प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत लागू किए जा रहे हैं, जिससे लॉजिस्टिक और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाया जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
किउल-झाझा थर्ड लाइन प्रोजेक्ट से आम यात्रियों को क्या फायदा होगा?
इस प्रोजेक्ट से हावड़ा-दिल्ली कॉरिडोर की क्षमता बढ़ेगी, जिससे ट्रेनों की देरी कम होगी और पूर्वी व उत्तरी भारत के बीच सफर अधिक सुगम और तेज हो जाएगा।
जम्मू-कटरा रेल सेक्शन के लिए कितने पैसे मंजूर हुए हैं?
जम्मू-श्री माता वैष्णो देवी कटरा सेक्शन में सुरक्षा और पुलों के संरक्षण के लिए कुल 238 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।