QS World University Rankings 2027: IIT Delhi के साथ इन भारतीय कॉलेजों ने मारी बाजी, देखें पूरी लिस्ट

World : दुनिया भर के विश्वविद्यालयों की रैंकिंग यानी QS World University Rankings 2027 जारी हो गई है। इस लिस्ट में भारत के 52 शिक्षण संस्थानों ने जगह बनाई है, जिससे भारत दुनिया में पांचवां सबसे ज्यादा प्रतिनिधित्व वाला द

World : दुनिया भर के विश्वविद्यालयों की रैंकिंग यानी QS World University Rankings 2027 जारी हो गई है। इस लिस्ट में भारत के 52 शिक्षण संस्थानों ने जगह बनाई है, जिससे भारत दुनिया में पांचवां सबसे ज्यादा प्रतिनिधित्व वाला देश बन गया है। इस बार कई भारतीय कॉलेजों की रैंकिंग में बड़ा उछाल आया है, जबकि कुछ की स्थिति नीचे गिरी है।

रैंकिंग की बात करें तो टॉप 200 में केवल तीन भारतीय संस्थान जगह बना पाए हैं। इनमें IIT Delhi के साथ IIT Bombay और IIT Madras शामिल हैं। IIT Bombay दुनिया में 134वें नंबर पर है, जो पिछले साल के मुकाबले पांच पायदान नीचे खिसक गया है। वहीं IIT Madras ने अच्छी बढ़त बनाते हुए 10 स्थान ऊपर चढ़कर 170वां स्थान हासिल किया है।

भारत की इस प्रोग्रेस को देखते हुए QS Quacquarelli Symonds ने कहा कि यह भारत की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय पहचान और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को दिखाता है। अब यह सुधार सिर्फ IITs तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अन्य यूनिवर्सिटीज भी इसमें आगे बढ़ रही हैं।

संस्थान का नाम ग्लोबल रैंकिंग
IIT Bombay 134
IIT Madras 170
IIT Kharagpur 205
IISc Bangalore 221
IIT Kanpur 222
University of Delhi 322
IIT Roorkee 335
IIT Guwahati 349
Shoolini University 454
BITS Pilani 575
VIT 597
Jamia Millia Islamia 686

इस बार की रैंकिंग में कुछ निजी संस्थानों ने सबको चौंकाया है। BITS Pilani 93 पायदान ऊपर चढ़कर 575वें नंबर पर आया है, जबकि Vellore Institute of Technology (VIT) ने 94 अंकों की बड़ी छलांग लगाकर 597वां स्थान पाया है। जामिया मिलिया इस्लामिया भी 75 से ज्यादा पायदान ऊपर चढ़कर 686वें स्थान पर पहुंचा है।

हालांकि, कुछ संस्थानों को निराशा हाथ लगी है। CHRIST यूनिवर्सिटी, उस्मानिया यूनिवर्सिटी, अशोक यूनिवर्सिटी और मानव रचना इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट इस बार लिस्ट से बाहर हो गए हैं क्योंकि वे न्यूनतम स्कोर या साइज की शर्तों को पूरा नहीं कर पाए।

IIT Delhi के डीन प्रो. सोमनाथ बैद्य रॉय ने बताया कि संस्थान का लक्ष्य दुनिया की बेहतरीन और किफायती तकनीकी शिक्षा देना है। उन्होंने साफ कहा कि रैंकिंग एक परिणाम है, यह उनका मुख्य उद्देश्य नहीं है। यह रैंकिंग शैक्षणिक प्रतिष्ठा, रिसर्च की क्वालिटी और एम्प्लॉयर के नजरिए जैसे छह मानकों पर आधारित है।