Qatar में LNG उत्पादन फिर से शुरू होगा, दुनिया भर में गैस की सप्लाई में आएगी तेजी
World : कतर बहुत जल्द अपने लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) के उत्पादन को सामान्य स्तर पर लाने की तैयारी कर रहा है। कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने बताया है कि अगले कुछ हफ्तों में गैस का उत्पादन फिर
World : कतर बहुत जल्द अपने लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) के उत्पादन को सामान्य स्तर पर लाने की तैयारी कर रहा है। कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने बताया है कि अगले कुछ हफ्तों में गैस का उत्पादन फिर से पटरी पर आ जाएगा। यह खबर उन देशों के लिए राहत भरी है जो ऊर्जा के लिए कतर पर निर्भर हैं और इससे वैश्विक बाजार में गैस की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है।
दरअसल, 28 फरवरी 2026 को ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे सैन्य टकराव के दौरान रस लफ्फन इंडस्ट्रियल सिटी में ड्रोन हमले हुए थे। सुरक्षा कारणों से कतर की सरकारी कंपनी QatarEnergy ने उत्पादन रोक दिया था। इस हमले में कतर के 14 LNG प्रोडक्शन ट्रेन्स में से दो और एक गैस-टू-लिक्विड्स (GTL) फैसिलिटी को नुकसान पहुंचा था। इसकी वजह से देश की कुल निर्यात क्षमता का करीब 17 प्रतिशत हिस्सा कम हो गया था, जिससे सालाना लगभग 12.8 मिलियन टन उत्पादन का नुकसान हुआ।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत के लिए हॉटलाइन बनाना जरूरी है ताकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह सुरक्षित खोला जा सके। फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच एक संक्षिप्त युद्धविराम समझौता हुआ है, जिससे यह समुद्री रास्ता 60 दिनों के लिए खुल गया है। QatarEnergy की टीमें पिछले कई हफ्तों से काम कर रही हैं ताकि रास्ता सुरक्षित होते ही काम शुरू किया जा सके।
उत्पादन की वर्तमान स्थिति इस प्रकार है:
| सुविधा का प्रकार | स्थिति | पुनर्प्राप्ति का समय |
|---|---|---|
| 12 सुरक्षित LNG ट्रेन्स | काम चालू करने को तैयार | एक महीने के भीतर (रास्ता खुलने पर) |
| 2 क्षतिग्रस्त LNG ट्रेन्स | गंभीर नुकसान | 3 से 5 साल का समय लगेगा |
| GTL फैसिलिटी | क्षतिग्रस्त | 3 से 5 साल का समय लगेगा |
इसी बीच, 21 या 22 जून 2026 को रस लफ्फन के बरज़ान गैस सप्लाई प्लांट में एक धमाका और आग लगने की घटना हुई। इसमें 13 लोगों की जान गई और 66 लोग घायल हुए। QatarEnergy ने इसे एक तकनीकी हादसा बताया है और साफ किया है कि इसका LNG निर्यात क्षमता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। कंपनी ने यह भी कहा कि जब सभी सुरक्षा जांच पूरी हो जाएंगी, तभी ‘फोर्स मेज्योर’ (Force Majeure) की घोषणा हटाई जाएगी।