Bihar: असम के कामाख्या मंदिर से दंडवत प्रणाम करते हुए निकले दो भक्त आठ महीने का समय तय कर बिहार के पूर्णिया जिले में पहुंच गए हैं। ये भक्त करीब 1700 किलोमीटर की लंबी यात्रा पर निकले हैं और इनका अंतिम लक्ष्य काशी और केदार
Bihar: असम के कामाख्या मंदिर से दंडवत प्रणाम करते हुए निकले दो भक्त आठ महीने का समय तय कर बिहार के पूर्णिया जिले में पहुंच गए हैं। ये भक्त करीब 1700 किलोमीटर की लंबी यात्रा पर निकले हैं और इनका अंतिम लक्ष्य काशी और केदारनाथ धाम पहुंचना है। विश्व में सुख-शांति और भाईचारे की कामना के साथ शुरू हुई इस यात्रा को देखने के लिए स्थानीय लोगों की काफी भीड़ जुट रही है।
इस धार्मिक यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इन भक्तों ने अपनी यह कठिन यात्रा विश्व कल्याण की भावना के साथ शुरू की है। वे चाहते हैं कि समाज में भाईचारा बना रहे और दुनिया का भला हो। दंडवत प्रणाम करते हुए आगे बढ़ने के कारण इनकी गति धीमी रहती है, लेकिन इनका संकल्प अटूट है। पिछले आठ महीनों से वे लगातार सड़क मार्ग से होते हुए कामाख्या से पूर्णिया तक का सफर तय कर चुके हैं। रास्ते में पड़ने वाले गांवों और शहरों में लोग इनकी इस भक्ति को देखकर काफी प्रभावित हो रहे हैं।
यात्रा से जुड़ी कुछ खास बातें
- यात्रा का रूट: कामाख्या मंदिर (असम) से शुरू होकर काशी और केदारनाथ तक
- दूरी: कुल 1700 किलोमीटर का लक्ष्य रखा गया है
- समय: पिछले 8 महीने से लगातार यात्रा जारी है
- तरीका: पूरी यात्रा जमीन पर लेटकर दंडवत प्रणाम करते हुए पूरी की जा रही है
पूर्णिया पहुंचने पर इन भक्तों का स्थानीय लोगों ने स्वागत किया। भक्त अपनी इस यात्रा को लेकर काफी उत्साहित हैं और उनका मानना है कि ईश्वर की कृपा से वे केदारनाथ तक का सफर जरूर पूरा करेंगे। फिलहाल वे पूर्णिया से होते हुए आगे की दिशा में बढ़ रहे हैं और अपनी मंजिल की ओर अग्रसर हैं।