Maharashtra: पुणे और मुंबई के बीच सफर करने वालों के लिए अच्छी खबर है। एक्सप्रेसवे का 13.3 किलोमीटर लंबा ‘Missing Link’ सेक्शन अब आम जनता के लिए खुल गया है। इस नए रास्ते से अब मुंबई-पुणे की दूरी करीब 6 किलोमीट
Maharashtra: पुणे और मुंबई के बीच सफर करने वालों के लिए अच्छी खबर है। एक्सप्रेसवे का 13.3 किलोमीटर लंबा ‘Missing Link’ सेक्शन अब आम जनता के लिए खुल गया है। इस नए रास्ते से अब मुंबई-पुणे की दूरी करीब 6 किलोमीटर कम हो गई है और यात्रियों के समय में बड़ी बचत हो रही है।
Missing Link से सफर में कितनी बचत होगी
MSRDC के अधिकारियों के मुताबिक, इस नए लिंक से यात्रा समय में 20 से 30 मिनट की कमी आएगी। कुछ मामलों में, खासकर मानसून के दौरान जब पुराने रास्ते पर पत्थर गिरने का डर रहता है, तब यह 45 से 60 मिनट तक का समय बचा सकता है। एक यात्री ने अपने अनुभव में बताया कि टैक्सी से सफर करने पर उन्हें हर तरफ करीब 45 मिनट की बचत हुई। मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया ताकि खंडाला और भोर घाट जैसे दुर्घटना संभावित इलाकों में भीड़ कम हो सके।
किन वाहनों के लिए है रास्ता और क्या हैं नियम
1 मई 2026 को उद्घाटन के बाद 2 मई से आम जनता के लिए यह रास्ता खुला। फिलहाल यहां कुछ खास नियम लागू किए गए हैं:
- समय सीमा: 1 मई से 31 अक्टूबर 2026 तक केवल प्राइवेट कार, हल्के वाहन (LMV) और पैसेंजर बसें ही इस रास्ते का इस्तेमाल कर पाएंगी।
- भारी वाहन: माल ढोने वाले भारी वाहनों के लिए यह रास्ता फिलहाल बंद है, इन्हें 1 नवंबर 2026 के बाद रिव्यू के बाद अनुमति मिल सकती है।
- परमानेंट बैन: खतरनाक, ज्वलनशील या विस्फोटक सामग्री ले जाने वाले वाहनों का इस लिंक पर हमेशा के लिए प्रतिबंध रहेगा, उन्हें पुराने घाट सेक्शन से ही जाना होगा।
- स्पीड लिमिट: कारों के लिए अधिकतम रफ्तार 100 kmph और बसों के लिए 80 kmph तय की गई है।
टोल और आर्थिक प्रभाव क्या होगा
राहत की बात यह है कि इस नए Missing Link के इस्तेमाल के लिए कोई अलग से टोल नहीं लिया जाएगा। खलापुर टोल प्लाजा पर मौजूदा रेट ही लागू रहेंगे। इस प्रोजेक्ट को Afcons Infrastructure Ltd और अन्य कंपनियों ने मिलकर तैयार किया है। माना जा रहा है कि इस बुनियादी ढांचे से महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था को करीब 70,000 करोड़ रुपये की मजबूती मिलेगी और औद्योगिक तंत्र बेहतर होगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या Missing Link इस्तेमाल करने के लिए अलग से टोल देना होगा?
नहीं, इस नए रास्ते के लिए कोई अतिरिक्त टोल नहीं लगेगा। खलापुर टोल प्लाजा पर जो पुराने रेट चल रहे हैं, वही लागू रहेंगे।
भारी वाहनों को इस रास्ते पर जाने की अनुमति कब मिलेगी?
माल ढोने वाले भारी वाहनों के लिए 31 अक्टूबर 2026 तक पाबंदी है। ट्रैफिक और सुरक्षा की समीक्षा के बाद उन्हें 1 नवंबर 2026 से अनुमति मिल सकती है।