India में सरकारी परीक्षाओं का कंट्रोल अब प्राइवेट कंपनियों के हाथ, पेपर लीक रोकने के लिए सरकार लाएगी नया कानून

Maharashtra: मुंबई के एक एग्जाम सेंटर की तस्वीर बताती है कि कैसे अब सरकारी परीक्षाओं का पूरा इंतजाम प्राइवेट हाथों में चला गया है। गेट पर सुरक्षा गार्ड से लेकर अंदर उम्मीदवारों की चेकिंग करने वाली महिला स्टाफ तक, सब प्रा

Maharashtra: मुंबई के एक एग्जाम सेंटर की तस्वीर बताती है कि कैसे अब सरकारी परीक्षाओं का पूरा इंतजाम प्राइवेट हाथों में चला गया है। गेट पर सुरक्षा गार्ड से लेकर अंदर उम्मीदवारों की चेकिंग करने वाली महिला स्टाफ तक, सब प्राइवेट ठेकेदारों के जरिए तैनात हैं। देश में सरकारी भर्ती और एकेडमिक परीक्षाओं का दायरा इतना बड़ा हो गया है कि 2025 में करीब 31.4 करोड़ लोग सरकारी नौकरियों की परीक्षा और 38.3 करोड़ छात्र एकेडमिक एग्जाम के लिए रजिस्टर करेंगे।

इस पूरे सिस्टम में अब प्राइवेट कंपनियों की भूमिका बढ़ गई है। परीक्षा केंद्रों का संचालन, कंप्यूटर सिस्टम, सॉफ्टवेयर, इनविजीलेटर, सुरक्षाकर्मी और यहाँ तक कि प्रश्न पत्रों की डिलीवरी का काम भी बाहरी ठेकेदारों को दिया जा रहा है। इसी वजह से अब पेपर लीक जैसी समस्याएँ ‘आउटसोर्सड पेरिफेरी’ यानी बाहरी वेंडरों और सेंटर ऑपरेटरों की वजह से बढ़ रही हैं। आंध्र प्रदेश में भी DSC-2025 भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगे हैं, जहाँ दावा किया गया कि गोपनीय काम आउटसोर्स कर्मचारियों को सौंपे गए थे।

इन गड़बड़ियों को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने 29 जुलाई 2026 को एक बड़ा सुधार पैकेज लॉन्च किया है। इसके तहत NTA के 47 अधिकारियों को नौकरी से निकाल दिया गया है और नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में एक हाई-पावर्ड टास्क फोर्स बनाई गई है। सरकार अब ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026’ लाने जा रही है।

नए नियमों के तहत प्राइवेट सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए सजा और जुर्माना काफी सख्त होगा। अगर कोई प्राइवेट कंपनी गड़बड़ी में शामिल पाई जाती है, तो उस पर 5 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लग सकता है और उसे 8 साल तक सरकारी परीक्षाएं कराने से रोका जा सकता है। सामान्य अपराधों के लिए न्यूनतम सजा 5 साल और संगठित धोखाधड़ी के लिए 7 साल की जेल का प्रावधान होगा।

साथ ही, पारदर्शिता बढ़ाने के लिए 6 जुलाई 2026 को National Recruitment Agency (NRA) बनाने की मंजूरी दी गई है, जो सरकारी नौकरियों के लिए शुरुआती परीक्षाएं आयोजित करेगी। पूर्व ISRO चीफ आर. राधाकृष्णन की समिति ने भी स्टाफ और सेंटरों के आउटसोर्सिंग को कम करने और ऑनलाइन परीक्षाओं को बढ़ावा देने की सिफारिश की है।