Bihar: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बिहार के दौरे के दौरान एक खास अंदाज में स्थानीय कला को सराहा। उन्होंने प्रोटोकॉल की परवाह न करते हुए एक साड़ी की बारीकी और उस पर की गई कलाकारी को करीब से देखा। इस दौरान उन्होंने बिहार
Bihar: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बिहार के दौरे के दौरान एक खास अंदाज में स्थानीय कला को सराहा। उन्होंने प्रोटोकॉल की परवाह न करते हुए एक साड़ी की बारीकी और उस पर की गई कलाकारी को करीब से देखा। इस दौरान उन्होंने बिहार के कलाकार से उस कला के पीछे के इतिहास और उसकी खासियत के बारे में जानकारी ली।
राष्ट्रपति ने साड़ी की कलाकारी को क्यों सराहा
राष्ट्रपति मुर्मु ने बिहार के एक आर्टिस्ट द्वारा तैयार की गई साड़ी में गहरी रुचि दिखाई। उन्होंने न केवल साड़ी के डिजाइन को देखा बल्कि कलाकार से बातचीत कर यह समझा कि इस कला का इतिहास क्या है और इसे बनाने में कितनी मेहनत लगती है। यह घटना बिहार की स्थानीय हस्तशिल्प और कला को बढ़ावा देने के नजरिए से महत्वपूर्ण रही।
बिहार की कला और संस्कृति का सम्मान
बिहार अपनी पारंपरिक कला और बुनकरी के लिए जाना जाता है। राष्ट्रपति का इस तरह प्रोटोकॉल तोड़कर आम कलाकार से मिलना यह बताता है कि देश के सर्वोच्च पद पर बैठा व्यक्ति स्थानीय हुनर को कितनी अहमियत देता है। इस मुलाकात से स्थानीय कलाकारों का उत्साह बढ़ा है और उन्हें अपनी कला को वैश्विक पहचान दिलाने की उम्मीद जगी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
राष्ट्रपति मुर्मु ने बिहार में क्या खास किया
राष्ट्रपति मुर्मु ने प्रोटोकॉल तोड़कर बिहार के एक कलाकार की बनाई साड़ी की कलाकारी देखी और उससे जुड़ी ऐतिहासिक जानकारी ली।
यह घटना बिहार के किस क्षेत्र से जुड़ी है
यह खबर बिहार के भागलपुर क्षेत्र से जुड़ी है जहाँ की कला और बुनकरी प्रसिद्ध है।