Prayagraj में गंगा-यमुना का जलस्तर बढ़ा, UP में मानसून कमजोर होने से बारिश में 17% की कमी
Prayagraj: प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है जिससे घाटों पर पानी पहुंच गया है। पहाड़ी इलाकों में हो रही बारिश और ऊपरी इलाकों से पानी छोड़े जाने की वजह से नदियों में उफान आया है। प्रशासन ने अल
Prayagraj: प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है जिससे घाटों पर पानी पहुंच गया है। पहाड़ी इलाकों में हो रही बारिश और ऊपरी इलाकों से पानी छोड़े जाने की वजह से नदियों में उफान आया है। प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
ताजा जानकारी के मुताबिक 14 जुलाई की सुबह तक छतनाग में गंगा का स्तर 100 सेंटीमीटर और नैनी में यमुना का स्तर 88 सेंटीमीटर बढ़ा है। हालांकि जिला प्रशासन का कहना है कि दोनों नदियां अभी खतरे के निशान 84.734 मीटर से काफी नीचे हैं। डीएम मनीष कुमार वर्मा ने निर्देश दिए हैं कि 15 जुलाई तक बाढ़ से निपटने की सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं। संगम और अन्य घाटों पर SDRF और PAC की टीमों को तैनात किया गया है और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है। बख्शी बंध, मोरी गेट और मुमफोर्डगंज STP के पंपिंग स्टेशनों को भी चालू रखा गया है।
दूसरी तरफ पूरे उत्तर प्रदेश में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है। IMD के मुताबिक 1 जून से 12 जुलाई के बीच राज्य में सामान्य से 17% कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी यूपी में तो यह कमी 35 से 40% तक रही है। फिलहाल राज्य के ज्यादातर जिले ग्रीन जोन में हैं और भारी बारिश का कोई अलर्ट नहीं है। इस वजह से कई इलाकों में उमस और तापमान बढ़ गया है, लखनऊ में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक रहने की उम्मीद है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि 17 से 19 जुलाई के बीच मानसून फिर से सक्रिय होगा, जिससे पूर्वी और पश्चिमी यूपी के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाओं की संभावना है। फिलहाल अयोध्या, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, महाराजगंज, संत कबीर नगर और बलरामपुर जैसे जिलों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।