UP में प्रयागराज-लखनऊ हाईवे पर मंसूराबाद बाईपास धंसा, बारिश के बाद निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल
UP/Prayagraj: प्रयागराज-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंसूराबाद बाईपास का एक बड़ा हिस्सा बारिश की वजह से धंस गया है। यह सड़क हाल ही में बनाई गई थी, लेकिन पहली ही भारी बारिश ने निर्माण की पोल खोल दी। सड़क धंसने से यहां से गु
UP/Prayagraj: प्रयागराज-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंसूराबाद बाईपास का एक बड़ा हिस्सा बारिश की वजह से धंस गया है। यह सड़क हाल ही में बनाई गई थी, लेकिन पहली ही भारी बारिश ने निर्माण की पोल खोल दी। सड़क धंसने से यहां से गुजरने वाले लोगों के लिए खतरा बढ़ गया है और आवागमन में काफी दिक्कत आ रही है।
यह हादसा 10 जुलाई 2026 को हुआ, जहां फतेहपुर कायस्थान विद्युत उपकेंद्र के पास एक नाले पर बने बाईपास का डिवाइडर गिर गया और सड़क का हिस्सा धंस गया। बताया जा रहा है कि करीब 100 मीटर से ज्यादा के दायरे में डिवाइडर और सड़क दोनों खराब हो गए हैं। सबसे चिंता की बात यह है कि इस खतरनाक हिस्से पर कोई बैरिकेडिंग या चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया गया है, जिससे रात के समय दुर्घटना होने का डर बना रहता है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने निर्माण कार्य के दौरान ही गुणवत्ता को लेकर कई बार शिकायतें की थीं, लेकिन अधिकारियों ने उनकी बातों को नजरअंदाज कर दिया। अब जब सड़क धंस गई है, तो जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में जवाब देने से बच रहे हैं। क्षेत्रीय लोगों ने उच्च अधिकारियों से मांग की है कि इस पूरी घटना की जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो। साथ ही क्षतिग्रस्त सड़क को जल्द से जल्द दोबारा बनाने की जरूरत है।
प्रदेश में सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले 5 जुलाई 2026 को उन्नाव में गंगा एक्सप्रेसवे लिंक रोड का 7 मीटर हिस्सा भी पहली भारी बारिश के बाद धंस गया था। इन घटनाओं ने सरकारी परियोजनाओं के डिजाइन और निर्माण की क्वालिटी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।