Prayagraj के कोचिंग संस्थानों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, लखनऊ अग्निकांड के बाद 4 कोचिंग सील
Prayagraj: लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद प्रयागराज के कोचिंग हब में हड़कंप मच गया है। जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की टीमों ने सुरक्षा मानकों की जांच के लिए ताशकंद मार्ग और पत्रिका चौराहे के आसपास के बड़े कोचिंग संस्थानो
Prayagraj: लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद प्रयागराज के कोचिंग हब में हड़कंप मच गया है। जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की टीमों ने सुरक्षा मानकों की जांच के लिए ताशकंद मार्ग और पत्रिका चौराहे के आसपास के बड़े कोचिंग संस्थानों में छापेमारी की। इस कार्रवाई का मकसद छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।
प्रशासन ने इस अभियान में काफी सख्ती दिखाई है। 23 जून 2026 से शुरू हुए इस निरीक्षण अभियान के तहत अब तक प्रयागराज और कौशांबी में कुल 10 कोचिंग संस्थान सील किए जा चुके हैं। इनमें प्रयागराज के चार संस्थान शामिल हैं, जिनमें Khan Global Studies भी है। इसे भूमि-उपयोग नियमों के उल्लंघन और जरूरी अनुमति न होने के कारण सील किया गया। अब तक क्षेत्र के 65 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों की जांच की जा चुकी है।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने सभी जिलाधिकारियों को उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियमन अधिनियम, 2002 के तहत व्यापक सर्वे करने और गलतियां मिलने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी चंद्र मोहन शर्मा और प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) के अधिकारी इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) संतोष कुमार राय ने बताया कि शहर में 93 पंजीकृत कोचिंग संस्थान हैं, जिनकी जांच के लिए 10 सदस्यों की कमेटी बनाई गई है।
| जांच के मुख्य बिंदु | पाए गए उल्लंघन/विवरण |
|---|---|
| अग्निशमन NOC | 93 में से केवल 16 संस्थानों के पास वैध NOC था |
| सुरक्षा खामियां | इमरजेंसी एग्जिट की कमी और एक्सपायर हो चुके अग्निशमन यंत्र |
| अवैध निर्माण | बेसमेंट का गलत इस्तेमाल और तय क्षमता से ज्यादा छात्र |
| बिजली सुरक्षा | वायरिंग और इलेक्ट्रिकल सेफ्टी में भारी कमियां |
| रिपोर्टिंग | अधिकारियों को रोज शाम 4 बजे तक रिपोर्ट देनी होगी |
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जो संस्थान सुरक्षा नियमों को पूरा नहीं करेंगे, उनके बिजली और पानी के कनेक्शन काट दिए जाएंगे। साथ ही, परिसरों को स्थायी रूप से सील करने और संचालकों पर आपराधिक मामला दर्ज करने की कार्रवाई भी की जाएगी। छात्रों की सुरक्षा के लिए अब संस्थानों में लाइव निकासी अभ्यास (Evacuation Drill) भी कराए जा रहे हैं ताकि आपात स्थिति में सुरक्षित बाहर निकला जा सके।