Policybazaar ने 2018 से अब तक दिए 3,016 करोड़ रुपये के क्लेम, जानिए किन बीमारियों से हुई सबसे ज्यादा मौतें

Finance: पॉलिसीबाजार ने बीमा के वादे को पूरा करते हुए 2018 से अब तक 3,016 करोड़ रुपये से ज्यादा के टर्म इंश्योरेंस क्लेम दिलाने में मदद की है। कंपनी का कहना है कि भारत में टर्म इंश्योरेंस की जरूरत तो बहुत है, लेकिन जागरू

Finance: पॉलिसीबाजार ने बीमा के वादे को पूरा करते हुए 2018 से अब तक 3,016 करोड़ रुपये से ज्यादा के टर्म इंश्योरेंस क्लेम दिलाने में मदद की है। कंपनी का कहना है कि भारत में टर्म इंश्योरेंस की जरूरत तो बहुत है, लेकिन जागरूकता की कमी और क्लेम मिलने की चिंता की वजह से लोग इसे कम खरीदते हैं। डिजिटल तरीके से क्लेम दिलाने की इस सुविधा से अब ग्राहकों का भरोसा बढ़ रहा है।

PB Fintech के जॉइंट ग्रुप सीईओ सरबवीर सिंह ने बताया कि टर्म इंश्योरेंस किसी भी परिवार के लिए सबसे जरूरी फाइनेंशियल प्रोडक्ट है, हालांकि इसे लेकर लोगों में समझ कम है। उन्होंने कहा कि 3,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के क्लेम का मतलब है कि मुश्किल समय में हजारों परिवारों को आर्थिक सहारा मिला है। कंपनी ने अपनी तकनीक, AI और रियल टाइम डेटा के जरिए क्लेम मिलने की प्रक्रिया को तेज किया है। पॉलिसीबाजार की यह सर्विस भारत के 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ-साथ 601 से ज्यादा शहरों में उपलब्ध है।

क्लेम डेटा के जरिए यह भी सामने आया है कि मौत के सबसे बड़े कारण क्या रहे हैं। इसकी पूरी जानकारी नीचे दी गई तालिका में है:

मौत का कारण प्रतिशत (%)
दिल की बीमारियां (Heart Conditions) 31%
अचानक मौत (Sudden Demise) 30%
हादसे (Accidental Deaths) 15%
कोविड-19 (Covid-19) 13%
पुरानी बीमारियां (Chronic Diseases) 6%
अंग विफलता (Organ Failure) 5%