Bihar: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 7 मई 2026 को पटना पहुंचे। वह यहां NDA सरकार के कैबिनेट विस्तार कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। एयरपोर्ट से गांधी मैदान तक उनके रोड शो और सुरक्षा इंतजामों की वजह से शहर की रफ्तार थम गई। इस
Bihar: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 7 मई 2026 को पटना पहुंचे। वह यहां NDA सरकार के कैबिनेट विस्तार कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। एयरपोर्ट से गांधी मैदान तक उनके रोड शो और सुरक्षा इंतजामों की वजह से शहर की रफ्तार थम गई। इस दौरान सड़कों पर भारी जाम लगा जिससे आम लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
PM के दौरे से पटना की जनता पर क्या असर पड़ा
प्रधानमंत्री के दौरे के कारण पटना की सड़कों को खाली कराया गया और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। इस वजह से स्कूल-कॉलेज जाने वाले बच्चे और ऑफिस जाने वाले कर्मचारी घंटों जाम में फंसे रहे। कई मरीज समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाए और मजदूरों की दिहाड़ी का नुकसान हुआ। लाखों लीटर पेट्रोल-डीजल जाम में बर्बाद हुआ और लोग तेज धूप में खड़े रहे।
VIP कल्चर पर क्या कहते हैं नियम और अन्य राज्यों के उदाहरण
भारत में VIP कल्चर को लेकर अलग-अलग राज्यों में अलग तरीके अपनाए जा रहे हैं। तेलंगाना के CM रेवंत रेड्डी ने निर्देश दिए हैं कि VIP मूवमेंट के दौरान आम जनता को परेशानी न हो, इसलिए उनका काफिला सामान्य ट्रैफिक के बीच से निकलता है। वहीं, राजस्थान के मुख्यमंत्री ने भी VVIP ट्रैफिक प्रोटोकॉल खत्म करने का ऐलान किया था। केंद्र सरकार ने 2017 में लाल बत्ती (Red Beacon) बंद कर यह संदेश दिया था कि हर भारतीय VIP है।
सुरक्षा और जनता की सुविधा के बीच का टकराव
DGCA ने मार्च 2026 में VVIP यात्राओं के लिए सुरक्षा गाइडलाइन्स जारी की थीं ताकि जोखिम कम हो। दूसरी तरफ, मद्रास हाई कोर्ट ने अप्रैल 2021 में आदेश दिया था कि VIP मूवमेंट के दौरान आम नागरिकों को कम से कम असुविधा हो। सरकारी नियमों के मुताबिक, सुरक्षा का स्तर खतरे के आधार पर तय होता है, लेकिन सड़कों पर लगने वाले जाम और एम्बुलेंस के रुकने जैसी समस्याएं आज भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
प्रधानमंत्री मोदी पटना क्यों गए थे?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 7 मई 2026 को बिहार में NDA सरकार के कैबिनेट विस्तार कार्यक्रम और नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने पटना गए थे।
VIP कल्चर को कम करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
केंद्र सरकार ने 2017 में सभी VVIP वाहनों से लाल बत्ती हटा दी थी। साथ ही तेलंगाना और राजस्थान जैसे राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने आम जनता की सुविधा के लिए ट्रैफिक प्रोटोकॉल में ढील देने की पहल की है।