Bihar : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लोगों से एक साल तक सोना न खरीदने और फिजूलखर्ची कम करने की अपील की है। इस मुहिम का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। बिहार के मशहूर ‘गोल्ड मैन
Bihar : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लोगों से एक साल तक सोना न खरीदने और फिजूलखर्ची कम करने की अपील की है। इस मुहिम का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। बिहार के मशहूर ‘गोल्ड मैन’ प्रेम सिंह ने इस फैसले का पूरा समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि देशहित सबसे ऊपर है और जरूरत पड़ने पर वे अपना सारा सोना सरकार को दान कर देंगे।
सोना खरीदने पर क्या असर पड़ा और क्या हैं नए नियम?
प्रधानमंत्री की इस अपील के बाद सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। 13 मई 2026 से सोने और चांदी पर Import Duty यानी आयात शुल्क 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया गया है। इसका मकसद विदेशी मुद्रा भंडार को बचाना और भारतीय रुपये को सहारा देना है। इस फैसले के बाद अमृतसर और प्रयागराज जैसे शहरों के ज्वेलर्स ने बताया कि ग्राहकों की भीड़ 50 से 75% तक कम हो गई है। हालांकि, कुछ जगहों पर ड्यूटी बढ़ने के डर से शुरू में खरीदारी बढ़ी थी।
ज्वेलरी मार्केट और एक्सपर्ट्स की क्या है राय?
All India Gem and Jewellery Domestic Council (GJC) ने इस अपील पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि इससे करोड़ों लोगों को रोजगार देने वाले ज्वेलरी उद्योग पर बुरा असर पड़ सकता है। GJC के चेयरमैन राजेश रोकड़े ने सुझाव दिया कि सरकार को Gold Monetisation Scheme (GMS) पर जोर देना चाहिए ताकि घरों में पड़ा सोना अर्थव्यवस्था में काम आ सके। वहीं, यूपी के मंत्री कैलाश सिंह राजपूत और बिहार के मंत्री राम कृपाल यादव ने पीएम की इस अपील को समय के हिसाब से सही बताया है।
| विवरण |
पुराना रेट/स्थिति |
नया रेट/स्थिति |
| Import Duty (सोना-चांदी) |
6% |
15% |
| ग्राहक फुटफॉल (कुछ शहरों में) |
सामान्य |
50-75% की गिरावट |
| अपील की तारीख |
– |
10 मई 2026 |
Frequently Asked Questions (FAQs)
सरकार ने सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी कितनी बढ़ाई है?
भारत सरकार ने 13 मई 2026 से सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी को 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया है ताकि विदेशी मुद्रा भंडार को बचाया जा सके।
प्रधानमंत्री ने सोना न खरीदने की अपील क्यों की?
पश्चिम एशिया संकट और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों जैसे वैश्विक संकटों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और विदेशी मुद्रा बचाने के लिए यह अपील की गई है।