Bihar: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत दौरे पर आए वियतनाम के राष्ट्रपति टो लाम को हाजीपुर का मशहूर मालभोग केला भेंट किया। इस छोटे से तोहफे ने वैशाली के किसानों और वहां की खेती को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। म
Bihar: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत दौरे पर आए वियतनाम के राष्ट्रपति टो लाम को हाजीपुर का मशहूर मालभोग केला भेंट किया। इस छोटे से तोहफे ने वैशाली के किसानों और वहां की खेती को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। मालभोग केला अपने खास स्वाद और खुशबू के लिए पूरे देश में जाना जाता है और अब यह दुनिया के सामने आया है।
मालभोग केला क्यों है इतना खास
हाजीपुर का मालभोग केला अपनी प्राकृतिक मिठास, नरम बनावट और बेहतरीन खुशबू के लिए मशहूर है। इसे अक्सर केले का राजा भी कहा जाता है। यह विटामिन और खनिजों से भरपूर होता है। वैशाली जिले के हजारों किसान इसकी खेती करते हैं, जिससे इलाके की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को काफी मजबूती मिलती है। हालांकि, अक्टूबर 2025 में आई बाढ़ की वजह से किसानों को उत्पादन में काफी नुकसान झेलना पड़ा था।
भारत और वियतनाम के बीच हुए बड़े समझौते
राष्ट्रपति टो लाम की 5 से 7 मई 2026 की यात्रा के दौरान दोनों देशों ने कई अहम समझौतों पर साइन किए। इसमें डिजिटल टेक्नोलॉजी, चिकित्सा उत्पाद और पर्यटन जैसे क्षेत्र शामिल हैं। दोनों देशों ने भारत के UPI को वियतनाम की पेमेंट सिस्टम से जोड़ने का फैसला किया है। साथ ही, भारत वियतनाम की प्राचीन चंपा सभ्यता के मंदिरों का जीर्णोद्धार करेगा और वहां की पुरानी पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण भी करेगा।
किसानों और निर्यात को कैसे होगा फायदा
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इन नए समझौतों से वियतनाम में भारतीय दवाओं की उपलब्धता बढ़ेगी। सबसे जरूरी बात यह है कि भारत के कृषि, मत्स्य पालन और पशु उत्पादों का वियतनाम को निर्यात करना अब पहले से आसान होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने वियतनाम को भारत की एक्ट ईस्ट नीति का एक मुख्य हिस्सा बताया है, जिससे आने वाले समय में बिहार के कृषि उत्पादों के लिए नए विदेशी बाजार खुल सकते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मालभोग केला कहां का प्रसिद्ध है?
मालभोग केला बिहार के वैशाली जिले के हाजीपुर का प्रसिद्ध उत्पाद है। यह अपनी मिठास और खुशबू के लिए जाना जाता है और यहां के किसानों की आजीविका का मुख्य साधन है।
भारत और वियतनाम के बीच किन मुख्य बातों पर सहमति बनी?
दोनों देशों ने डिजिटल भुगतान (UPI), डिजिटल टेक्नोलॉजी, स्वास्थ्य उत्पादों और संस्कृति के क्षेत्र में MoU साइन किए। साथ ही चंपा सभ्यता के मंदिरों के जीर्णोद्धार पर भी सहमति बनी।