Delhi: मध्य-पूर्व के देशों में चल रहे युद्ध की वजह से पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट गहरा गया है। इसे देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के लोगों से ईंधन बचाने की खास अपील की है। इस अपील का दिल्ली में बड़ा असर दिख रह
Delhi: मध्य-पूर्व के देशों में चल रहे युद्ध की वजह से पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट गहरा गया है। इसे देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के लोगों से ईंधन बचाने की खास अपील की है। इस अपील का दिल्ली में बड़ा असर दिख रहा है, जहां पेट्रोल पंपों पर लगने वाली लंबी कतारें अब छोटी हो गई हैं। लोग अब अपनी निजी गाड़ियों के बजाय बस, मेट्रो या अन्य विकल्पों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
क्या देश में पेट्रोल-डीजल की कमी है
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने साफ किया है कि देश में कच्चे तेल, एलपीजी या किसी भी ईंधन की कोई कमी नहीं है। सरकार ने एलपीजी उत्पादन को 35,000-36,000 टन से बढ़ाकर 54,000 टन प्रतिदिन कर दिया है। यह अपील केवल देश पर आर्थिक बोझ और राजकोषीय दबाव को कम करने के लिए की गई है।
ईंधन भंडार और सरकार की तैयारी
भारत के पास फिलहाल पर्याप्त स्टॉक मौजूद है ताकि आम जनता को परेशानी न हो। सरकार ने ईंधन की राशनिंग लागू करने का कोई प्लान नहीं बनाया है और न ही कोई लॉकडाउन लगाने की योजना है। हालांकि, विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने के लिए सरकार कुछ अन्य उपायों पर विचार कर रही है।
| विवरण |
मौजूदा स्थिति/डेटा |
| ईंधन भंडार (Fuel Reserve) |
लगभग 60 दिन |
| एलपीजी भंडार (LPG Reserve) |
लगभग 45 दिन |
| ब्रेंट क्रूड की कीमत |
105 डॉलर प्रति बैरल (11 मई) |
| WTI क्रूड की कीमत |
98 डॉलर प्रति बैरल (11 मई) |
| OMCs का मासिक नुकसान |
लगभग ₹30,000 करोड़ |
आम जनता के लिए सुझाव और अन्य उपाय
प्रधानमंत्री ने लोगों से अनावश्यक यात्रा टालने और घर से काम (Work From Home) करने का सुझाव दिया है। साथ ही विदेशी मुद्रा बचाने के लिए एक साल तक सोना खरीदने और गैर-जरूरी विदेश यात्राओं को टालने की अपील की है। ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स ने ईंधन बचाने के 12 तरीके बताए हैं, जिन्हें अपनाकर 10 से 25 प्रतिशत तक पेट्रोल-डीजल बचाया जा सकता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या भारत में पेट्रोल या एलपीजी खत्म होने वाला है
नहीं, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने स्पष्ट किया है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है। भारत के पास 60 दिनों का ईंधन और 45 दिनों का एलपीजी भंडार मौजूद है।
प्रधानमंत्री ने ईंधन बचाने की अपील क्यों की
मध्य-पूर्व संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हैं और आयात पर निर्भरता प्रभावित हुई है। यह अपील देश पर आर्थिक बोझ कम करने और विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने के लिए की गई है।